ग्राम रोजगार सेवकों के मानदेय भुगतान को लेकर प्रदर्शन, मनरेगा में अनियमितताओं की जांच की मांग
सोनभद्र (जनवार्ता)! महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से जुड़े ग्राम रोजगार सेवकों की समस्याओं को लेकर आंदोलन तेज होता नजर आ रहा है। समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव विवेक सिंह पटेल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मिलकर छह सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।

इसमें 10 से 12 माह से लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान, ईपीएफ की धनराशि यूएएन खाते में जमा कराने तथा पिछले पांच वर्षों में प्रशासनिक मद में हुए खर्च की उच्च स्तरीय जांच की मांग प्रमुख रही।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि मनरेगा के ब्लॉक स्तर पर तैनात एपीओ, लेखा सहायक और कंप्यूटर ऑपरेटर वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। पेट्रोल, डीजल, स्टेशनरी और फर्नीचर खरीद के नाम पर धन के दुरुपयोग के भी आरोप लगाए गए।
विवेक सिंह पटेल ने कहा कि ग्राम रोजगार सेवक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और कई मामलों में इलाज न मिलने या पारिवारिक दबाव के कारण गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने सरकार पर संविदा कर्मचारियों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान महिला जिला अध्यक्ष गीतागौर, कृष्ण यादव, सुशील कुमार, प्रमोद सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

