मृतक के नाम जारी हुआ FSSAI लाइसेंस, सोनभद्र में FSO की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
सोनभद्र (जनवार्ता)! उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मृत व्यक्ति के नाम एफएसएसएआई (FSSAI) लाइसेंस जारी कर दिया गया। इस पूरे प्रकरण में खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) पर रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार शाहगंज थाना क्षेत्र के राजपुर गांव निवासी जीतनारायण पटेल किराना दुकान का संचालन करते थे। 11 मई 2025 को उनकी मृत्यु हो गई, जिसके बाद दुकान की जिम्मेदारी उनके पुत्र रवि कुमार ने संभाली। रवि कुमार का कहना है कि पिता के निधन के बाद उन्होंने विधिवत रूप से एफएसएसएआई लाइसेंस अपने नाम स्थानांतरित कराने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारी सूर्यलाल बिंद को प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन महीनों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
आरोप है कि सूर्यलाल बिंद ने लाइसेंस ट्रांसफर के एवज में पांच हजार रुपये की रिश्वत ली और हैरान करने वाली बात यह रही कि 15 जनवरी 2026 को लाइसेंस मृतक जीतनारायण पटेल के नाम ही जारी कर दिया गया। रवि कुमार का यह भी आरोप है कि संबंधित FSO एक निजी व्यक्ति सरोज बिंद के साथ क्षेत्र में घूमते हैं और दुकानदारों पर रिश्वत का दबाव बनाते हैं। इनकार करने पर लाइसेंस निरस्त करने और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकियां दी जाती हैं।
यह पहला मामला नहीं है। चार महीने पूर्व घोरावल कस्बे में दुकानदारों से रिश्वत लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिस पर सपा के पूर्व विधायक रमेश चंद्र दुबे ने FSO को सार्वजनिक रूप से फटकार भी लगाई थी, बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इधर, रॉबर्ट्सगंज में आयोजित विधायक खेल महाकुंभ के उद्घाटन के दौरान जब पत्रकारों ने मृत व्यक्ति के नाम लाइसेंस जारी होने का सवाल प्रदेश के आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ से पूछा, तो उन्होंने सीधे जवाब देने से बचते हुए कार्यक्रम की ओर ध्यान आकर्षित किया। मंत्री की चुप्पी ने मामले को और संदेह के घेरे में ला दिया है।

