दुद्धी के दिग्गज नेता विजय सिंह गोंड को अंतिम विदाई, हजारों की भीड़ में नम हुईं आंखें
सोनभद्र (जनवार्ता)! दुद्धी विधानसभा से आठ बार विधायक रहे वरिष्ठ आदिवासी नेता विजय सिंह गोंड के निधन से पूरे सोनभद्र जिले में शोक की लहर दौड़ गई। करीब 45 वर्षों तक सक्रिय राजनीतिक जीवन जीने वाले विजय सिंह गोंड के अंतिम दर्शन के लिए शुक्रवार को उनके पैतृक आवास कटौली में जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर वर्ग और दल के लोग अपने प्रिय नेता को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे।


शुक्रवार सुबह से ही कटौली गांव में सैकड़ों वाहन और हजारों लोगों की मौजूदगी ने माहौल को गमगीन कर दिया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन को विशेष इंतजाम करने पड़े, ताकि लोग शांतिपूर्वक अंतिम दर्शन कर सकें। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि देने वालों में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री संजीव गोंड, छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री रामविचर नेताम, एसी- एसटी आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल रहे। दोपहर करीब दो बजे विजय सिंह गोंड के पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान उपस्थित जनसमूह की आंखें नम हो गईं। गार्ड ऑफ ऑनर के पश्चात उनके स्वजातीय परिजनों द्वारा पारंपरिक गोंड़ी रीति-रिवाजों के अनुसार उनके आवास के पास ही अंतिम संस्कार (दफन) किया गया।
राज्य मंत्री संजीव गोंड ने इसे आदिवासी समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि समाज ने अपनी एक धरोहर खो दी है। वहीं सपा जिलाध्यक्ष रामनिहोर यादव ने विजय सिंह गोंड को आदिवासियों के हितैषी और समाजवादी विचारधारा का सच्चा सिपाही बताते हुए कहा कि उनके जाने से पार्टी को गहरा आघात पहुंचा है।
अंतिम संस्कार में पूर्व मंत्री व्यासजी गोंड़, एमएलसी आशुतोष सिन्हा, पूर्व सांसद पकौड़ी लाल, पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा, बसपा नेता संजय गोंड़ धुर्वे सहित अनेक वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। उमड़ी भारी भीड़ और लोगों का स्नेह इस बात का प्रमाण था कि विजय सिंह गोंड का राजनीतिक और सामाजिक कद कितना विशाल था।

