मनरेगा बचाओ व माले नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर वाम दलों का जुलूस, कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन
सोनभद्र (जनवार्ता)! संयुक्त वाम दलों और खेत मजदूर यूनियनों ने मंगलवार को मनरेगा बचाने, भाकपा (माले) नेताओं की रिहाई समेत कई मांगों को लेकर विशाल जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया और सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


जानकारी के मुताबिक भाकपा, माकपा और भाकपा (माले) ने संयुक्त वाम दलों व उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन के बैनर तले वाराणसी शक्तिनगर मुख्यमार्ग से जुलूस निकालते हुए कलेक्ट्रेट परिसर तक मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने मनरेगा को पुराने स्वरूप में बहाल करने, खेत व ग्रामीण मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा देने तथा बिजली के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग उठाई।

धरने को संबोधित करते हुए वाम दलों के वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी ऐतिहासिक मनरेगा योजना को कमजोर कर “विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)” लाकर समाप्त करने की साजिश की जा रही है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि नए प्रावधानों में बजट व्यवस्था राज्यों पर थोप दी गई है, जिससे ग्रामीण मजदूरों को काम मिलना कठिन हो जाएगा।
नेताओं ने मांग की कि मनरेगा एक्ट को पूर्ववत बहाल किया जाए, सभी मजदूरों को वर्ष में 200 दिन काम और 600 रुपये प्रतिदिन न्यूनतम मजदूरी मिले, 55 वर्ष की आयु के बाद 10 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाए तथा काम न मिलने पर मुआवजे की गारंटी सुनिश्चित हो। साथ ही सभी ग्रामीण मजदूरों को 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने, आवास हेतु भूमि व पक्का मकान उपलब्ध कराने और प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार बहाल करने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने मिर्जापुर में गिरफ्तार भाकपा (माले) राज्य सचिव सुधाकर यादव, जीरा भारती सहित अन्य की बिना शर्त रिहाई की भी मांग की। अंत में राष्ट्रपति व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। धरने में सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

