रॉबर्ट्सगंज की रातें बन रही हैं खतरनाक, ओवरलोड वाहनों का तांडव, मौत मंडरा रही
सोनभद्र (जनवार्ता)! नो एंट्री समय सीमा खत्म होने के बाद रॉबर्ट्सगंज नगर के मुख्य मार्गों पर ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्राली और पिकअप वाहनों का खतरनाक तांडव शुरू हो जाता है। ये वाहन अब सीधे-सीधे दुर्घटनाओं और मौत का कारण बनते जा रहे हैं। नगर की सड़कों पर चारा, भूसा और फसलों से कई गुना अधिक लदे ये वाहन दोनों तरफ 2-3 फुट तक माल लटकाकर तेज रफ्तार में दौड़ते नजर आते हैं। इससे सड़कें संकरी गलियों में तब्दील हो जाती हैं और सामने से आने वाले दोपहिया व अन्य छोटे वाहनों के लिए गुजरना बेहद जोखिम भरा हो जाता है। सर्दियों की कोहरे और धुंध भरी रातों में यह खतरा कई गुना बढ़ जाता है।


चौंकाने वाली बात यह है कि ज्यादातर वाहनों में रिफ्लेक्टर, बैक लाइट, लाल झंडा या कोई चेतावनी संकेत तक नहीं लगे होते। तेज आवाज में म्यूजिक बजाते हुए ये वाहन लापरवाही से ओवरटेक करते हैं और अक्सर राहगीरों को चपेट में ले लेते हैं। रेलवे क्रॉसिंग, कचहरी रोड सहित कई प्रमुख मार्गों पर ये ओवरलोड वाहन खुलेआम दौड़ते दिखते हैं।
स्थानीय निवासी रोज इस जानलेवा खतरे से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि नो एंट्री के बावजूद ओवरलोडिंग पर कोई प्रभावी लगाम नहीं लगी, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। सड़क सुरक्षा सप्ताह भी महज औपचारिकता बनकर रह गया है। नागरिकों की मांग है कि रात्रि में सख्त निगरानी, नियमित चेकिंग और कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि रॉबर्ट्सगंज की सड़कें मौत के अड्डे न बनें।

