अपहरण-दुष्कर्म में दोषी को 7 साल की सजा
पॉक्सो कोर्ट ने 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
आजमगढ़, (जनवार्ता)। नाबालिग किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
जिला एवं सत्र न्यायालय में सुनवाई पूरी होने के बाद विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) संतोष कुमार यादव ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया।
अभियोजन के मुताबिक, निजामाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव की 16 वर्षीय किशोरी 25 जुलाई 2015 को स्कूल गई थी। इसी दौरान आजम उर्फ मोनिस, निवासी फरिहा, थाना निजामाबाद, उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अवधेश कुमार मिश्रा और दौलत यादव ने चार गवाहों को पेश किया।
दोनों पक्षों की दलीलें और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास और 12 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।


