मेरठ : दलित महिला की हत्या कर बेटी को उठा ले गया दबंग
गांव में तनाव
मेरठ : जिले के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड गांव में गुरुवार सुबह एक सनसनीखेज घटना सामने आई। गांव के एक कंपाउंडर पारस राजपूत ने कथित तौर पर एक दलित परिवार की 20 वर्षीय लड़की रूबी का अपहरण कर लिया। जब लड़की की मां सुनीता ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उन पर फरसे (कुल्हाड़ी) से हमला कर दिया, जिससे महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। अस्पताल में इलाज के दौरान सुनीता की मौत हो गई।


घटना सुबह करीब 8 बजे की बताई जा रही है। सुनीता अपनी बेटी रूबी के साथ गन्ने के खेत में काम करने जा रही थीं। रास्ते में रजबहा के पास पहले से घात लगाकर बैठे पारस राजपूत ने दोनों को रोका। आरोप है कि पारस ने मां-बेटी के साथ अभद्रता की और विरोध करने पर सुनीता के सिर पर फरसे से वार कर दिया। इसके बाद वह रूबी को जबरन मोटरसाइकिल पर बिठाकर फरार हो गया।
घायल सुनीता को परिजनों ने मोदीपुरम के एसडीएस ग्लोबल हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधक मनोज के अनुसार, महिला का ब्लड प्रेशर बहुत कम था और हालत स्थिर नहीं हो पा रही थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी पारस और पीड़िता रूबी पहले से एक-दूसरे को जानते थे तथा दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं। घटना के बाद गांव में तनाव व्याप्त हो गया। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने एम्बुलेंस में तोड़फोड़ की और शव को उठाने से इनकार कर दिया। पुलिस ने गांव में भारी फोर्स तैनात की है।
एसएसपी विपिन तांडा ने बताया कि एसपी देहात के निर्देशन में पांच पुलिस टीमें गठित की गई हैं, जो लड़की की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं। परिजनों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी के दादा-दादी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, जबकि उसके माता-पिता और भाई फरार हैं।
समाजवादी पार्टी के सरधना विधायक अतुल प्रधान अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने पुलिस से मामले की गहन जांच और लड़की की शीघ्र बरामदगी की मांग की।
पीड़ित परिवार मजदूरी कर गुजारा करता है। सुनीता और उनके पति दोनों दिहाड़ी मजदूर थे। परिवार में चार संतानें हैं, जिनमें रूबी तीसरे नंबर की है। गरीबी के कारण रूबी ने ढाई साल पहले पढ़ाई छोड़ दी थी।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश जारी है। गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

