अमिताभ ठाकुर को जिला जज अदालत से मिली जमानत
वाराणसी (जनवार्ता) । जिला जजपूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को वाराणसी जिला जज अदालत से जमानत मिल गई है। जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने कफ सीरप तस्करी मामले से जुड़े वाराणसी के चौक थाने में दर्ज मुकदमे में उन्हें राहत प्रदान की। अदालत ने आदेश दिया कि अमिताभ ठाकुर को 50-50 हजार रुपये की दो जमानतदारों और आवश्यक बंधपत्र जमा करने पर रिहा किया जाए।

यह जमानत केवल वाराणसी केस के लिए है, जिसमें अम्बरीष सिंह भोला द्वारा दर्ज कराए गए मानहानि और झूठे आरोप लगाने के मामले में राहत मिली है। हालांकि, देवरिया के 1999 के पुराने औद्योगिक प्लॉट आवंटन धोखाधड़ी मामले में अभी जमानत नहीं मिली है। इस केस में उनकी जमानत याचिका पहले खारिज हो चुकी है और रिमांड 21 जनवरी तक बढ़ाई गई है।
अमिताभ ठाकुर को 10 दिसंबर 2025 को देवरिया केस में गिरफ्तार किया गया था। वाराणसी केस में 19 दिसंबर को ‘बी’ वारंट पर पेशी हुई थी, जहां निचली अदालत ने जमानत खारिज कर दी थी। लेकिन जिला जज कोर्ट में अपील पर शुक्रवार को सुनवाई के बाद यह राहत मिली।
फिलहाल, अमिताभ ठाकुर जेल में नहीं हैं। वे मेडिकल आधार पर अपना इलाज करा रहे हैं, क्योंकि हाल ही में सीने के दर्द के बाद उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज और फिर लखनऊ के पीजीआई रेफर किया गया था। देवरिया केस में जमानत मिलने के बाद ही उनकी पूर्ण रिहाई संभव होगी।
यह फैसला उनके समर्थकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, लेकिन देवरिया मामले के कारण कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। मामले की आगे की सुनवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

