गंगा के ऊपर दिखेगा भारतीय वायुसेना का शौर्य, 100 विमान करेंगे हवाई करतब

गंगा के ऊपर दिखेगा भारतीय वायुसेना का शौर्य, 100 विमान करेंगे हवाई करतब

नमो घाट पर ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो में राफेल, सुखोई, तेजस और सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम बिखेरेगी रोमांच; 25 फॉर्मेशन में होगा हवाई प्रदर्शन

वाराणसी (जनवार्ता) ।भारतीय वायुसेना की राष्ट्रसेवा के 94 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मंगलवार को वाराणसी के नमो घाट पर भव्य हवाई प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। ‘विंग्स ओवर गंगा’ नाम से आयोजित इस एयर शो में भारतीय वायुसेना अपनी हवाई शक्ति, आधुनिक युद्धक क्षमता और पेशेवर दक्षता का प्रदर्शन करेगी। गंगा के ऊपर आसमान में होने वाला यह आयोजन युवाओं को प्रेरित करने के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति वायुसेना की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगा।

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प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एयर शो में कुल 25 हवाई फॉर्मेशन प्रस्तुत किए जाएंगे। इनमें लड़ाकू विमान, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर शामिल होंगे। विभिन्न विमानों का समन्वित प्रदर्शन वायुसेना की संचालन क्षमता और हवाई युद्ध कौशल को प्रदर्शित करेगा। आयोजन में कुल 100 विमान भाग लेंगे, जिनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक विरासत विमान शामिल हैं। भारतीय वायुसेना की गरुड़ विशेष बल इकाई भी इसमें भागीदारी करेगी। इन विमानों को अरुणाचल प्रदेश के अर्राकानम स्थित नौसैनिक अड्डे सहित देश के 12 वायु ठिकानों से उड़ान के लिए तैयार किया गया है।

राफेल, सुखोई और तेजस दिखाएंगे दम

एयर शो में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर और स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस अपनी हवाई क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। परिवहन विमानों में सी-295, सी-17 ग्लोबमास्टर, सी-130, सी-130 के साथ एएन-32, आईएल-78 और एईडब्ल्यू एंड सी विमान शामिल होंगे। हेलीकॉप्टरों में एलसीएच प्रचंड, चिनूक, एएलएच ध्रुव, अपाचे, चेतक, कामोव-31 और एमआई-17 वी5 प्रमुख आकर्षण होंगे। हार्वर्ड विमान भी प्रदर्शन में शामिल होगा।

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काशी से गंगा तक दिखेगी तिरंगे की छटा

प्रदर्शन की शुरुआत आकर्षक ‘काशी’ फॉर्मेशन से होगी, जिसमें तीन किरण विमान वी आकार में उड़ान भरेंगे। यह फॉर्मेशन गंगा के ऊपर भारतीय तिरंगे के रंगों के साथ विजय का प्रतीक बनेगा। ‘वरुण’ फॉर्मेशन में भारतीय वायुसेना और थलसेना के तीन एएलएच एमके-III हेलीकॉप्टर भाग लेंगे और स्लिथरिंग ऑपरेशन का प्रदर्शन करेंगे। ‘केदार’ फॉर्मेशन में राफेल विमान कम ऊंचाई पर सटीक हवाई करतब दिखाएगा, जबकि ‘हनुमान’ फॉर्मेशन में सुखोई-30 एमकेआई का प्रदर्शन होगा। इसके बाद ‘सारनाथ’ फॉर्मेशन में हार्वर्ड विमान अपनी उड़ान क्षमता का प्रदर्शन करेगा।

‘ओमकार’ फॉर्मेशन में तीन एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज और वायुसेना का ध्वज लेकर उड़ान भरेंगे। इसके बाद ‘गंगा’ फॉर्मेशन में तीन चेतक हेलीकॉप्टरों से पुष्पवर्षा की जाएगी। ‘रुद्र’ फॉर्मेशन में सुखोई-30 एमकेआई विमान तेज गति से दर्शक दीर्घा के ऊपर से गुजरेगा। वहीं, ‘भागीरथी’ फॉर्मेशन में दो स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर और दो अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर डायमंड आकार में उड़ान भरेंगे।

तीनों सेनाओं के तालमेल का भी प्रदर्शन

‘त्रिदेव’ फॉर्मेशन में भारतीय नौसेना का एक कामोव-31, वायुसेना का एक एएलएच एमके-III और थलसेना का एक एएलएच एमके-III हेलीकॉप्टर विजय फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। यह तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय और संयुक्त अभियान क्षमता का प्रतीक होगा। ‘अलकनंदा’ फॉर्मेशन में दो चिनूक और दो एएलएच एमके-IV हेलीकॉप्टर उल्टे विजय आकार में उड़ान भरेंगे।

‘भैरव’ फॉर्मेशन में एक सी-295 और दो डोर्नियर विमान, जबकि ‘कैलाश’ फॉर्मेशन में एक सी-130 और दो एएन-32 विमान शामिल होंगे। ‘त्रिलोचन’ फॉर्मेशन में एक एईडब्ल्यू एंड सी विमान के साथ दो मिग-29 लड़ाकू विमान उड़ान भरेंगे। ‘नटराज’ फॉर्मेशन में नौसेना का पी-8आई समुद्री निगरानी विमान दो मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के साथ नजर आएगा। ‘महादेव’ फॉर्मेशन में आईएल-78 हवा में ईंधन भरने वाला विमान तीन मिराज-2000 विमानों के साथ उड़ान भरेगा।

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प्रचंड फॉर्मेशन में छह लड़ाकू विमान

‘विश्वनाथ’ फॉर्मेशन में तीन सुखोई-30 एमकेआई विमान उड़ान भरेंगे। इसके बाद ‘पशुपति’ फॉर्मेशन में चार जगुआर विमान डायमंड आकार में और ‘नीलकंठ’ फॉर्मेशन में तीन राफेल विमान अपनी क्षमता प्रदर्शित करेंगे। ‘प्रचंड’ फॉर्मेशन में सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, तेजस और मिग-29 सहित छह लड़ाकू विमान एरोहेड आकार में उड़ान भरेंगे। यह फॉर्मेशन हाल में प्रदर्शित वायुसेना की युद्धक तैयारी, सटीक प्रहार क्षमता और राष्ट्रीय उद्देश्यों के लिए निर्णायक हवाई शक्ति का प्रतीक होगा।

स्वदेशी तेजस विमान ‘अस्सी’ कॉलसाइन के तहत कम ऊंचाई पर एरोबेटिक प्रदर्शन करेगा। इससे भारत की स्वदेशी विमान निर्माण क्षमता और आत्मनिर्भरता को प्रदर्शित किया जाएगा। शो का समापन ‘दशाश्व’ फॉर्मेशन से होगा, जिसमें सी-17 ग्लोबमास्टर विमान नौ सूर्यकिरण ‘हॉक’ विमानों के साथ उड़ान भरेगा। इसके बाद सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन दल अपने रोमांचक करतबों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।

भारतीय वायुसेना का यह हवाई प्रदर्शन काशी के आकाश में आधुनिक विमानन शक्ति, स्वदेशी तकनीक और तीनों सेनाओं के समन्वय का अनूठा दृश्य प्रस्तुत करेगा।

Shiv murti

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