फायर सेफ्टी जांच से कोचिंग संचालकों में खलबली
कई संस्थान मिले बंद
वाराणसी (जनवार्ता)। लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड के बाद वाराणसी प्रशासन फायर सेफ्टी को लेकर पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में बुधवार को लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र के पांडेयपुर इलाके में मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) आनंद सिंह राजपूत के नेतृत्व में अग्निशमन विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने कोचिंग संस्थानों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सघन जांच अभियान चलाया।


चेकिंग अभियान शुरू होते ही क्षेत्र के कई कोचिंग संस्थानों में खलबली मच गई। निरीक्षण के दौरान कुछ संस्थानों के संचालकों ने प्रतिष्ठानों पर ताले लटका दिए, जबकि कई संचालक जल्दबाजी में बैनर और पोस्टर हटाते नजर आए। कुछ स्थानों पर कोचिंग संस्थानों के बाहर लगे बोर्ड और विज्ञापन बैनरों को कागज से ढंक दिया गया, जिससे इलाके में चर्चा का माहौल बना रहा।
संयुक्त टीम ने संस्थानों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्ग, भवन सुरक्षा मानकों तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संचालकों को निर्देशित किया कि सभी प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए और अग्निशमन उपकरणों को हमेशा क्रियाशील अवस्था में रखा जाए।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने कहा कि जन सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जांच अभियान के दौरान क्षेत्र में काफी हलचल रही और कई संस्थान संचालक अपने दस्तावेजों एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटे दिखाई दिए। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए इस प्रकार के निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

