सीरियल बम अफवाह फैलाने वाला ‘होक्स कॉलर’ चढ़ा पुलिस के हत्थे
वाराणसी (जनवार्ता) : रेल यात्रियों में दहशत फैलाने और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक सीरियल होक्स कॉलर अब पुलिस की गिरफ्त में है। जौनपुर के मछलीशहर क्षेत्र के दियावां महादेव गांव निवासी राजेश शुक्ला ने बार-बार काशी-दादर एक्सप्रेस (15018) में बम होने की फर्जी सूचनाएं देकर यात्रियों को भयभीत किया और ट्रेनों को घंटों रोककर जांच करवाई। उसका मकसद महज रेल अफसरों को परेशान करना था।

सबसे पहले 2 जून 2025 को उसने प्रयागराज जीआरपी कंट्रोल रूम पर कॉल कर काशी-दादर एक्सप्रेस और कामायनी एक्सप्रेस में बम की सूचना दी। दोनों ट्रेनें जंघई स्टेशन पर रोकी गईं, सघन तलाशी हुई लेकिन कुछ नहीं मिला। यात्रियों में हड़कंप मच गया। गिरफ्तारी के बाद जमानत पर छूटने के बाद वह मुंबई भाग गया और वहां वासुदेव पैराडाइज अपार्टमेंट में वॉचमैन की नौकरी करने लगा।
फिर 18 नवंबर 2025 को उसने दोबारा काशी-दादर एक्सप्रेस में बम की अफवाह फैलाई, ट्रेन भदोही पर रोकी गई। तीसरी बार 6 जनवरी 2026 को मऊ स्टेशन पर ट्रेन रोकी गई, यात्रियों को उतारा गया और दो घंटे तक जांच चली।
इस बार उसने मुंबई के एक पीसीओ से 15 अंकों वाला सीक्रेट नंबर इस्तेमाल कर ट्रेसिंग को मुश्किल बनाने की कोशिश की, लेकिन वाराणसी जीआरपी की सर्विलांस टीम ने सीडीआर जांच से पीसीओ तक पहुंच बनाई। पीसीओ संचालक के बताने पर ठाणे स्थित अपार्टमेंट से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से रेलवे अधिकारियों के नंबरों वाली डायरी भी बरामद हुई।
पूछताछ में राजेश ने माना कि वह सिर्फ अफसरों को तंग करने के लिए ऐसा करता रहा। उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है और वह पहले भी ऐसी हरकतों के लिए जेल जा चुका है।
गिरफ्तारी में सीओ कुंवर प्रभात सिंह के नेतृत्व वाली टीम में इंस्पेक्टर रजौल नागर, एसआई प्रमोद कुमार यादव, राधामोहन द्विवेदी, हेड कॉन्स्टेबल ओंकारनाथ यादव, दुर्गेश खरवार और मनीष कुमार कश्यप शामिल थे।
ऐसी फर्जी कॉलें यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालती हैं और रेलवे के संसाधनों का भारी नुकसान करती हैं। पुलिस ने सख्त चेतावनी दी है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

