काशी का क्रिकेट रण 80 फीसदी तैयार
इसी साल टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच से होगा भव्य उद्घाटन
वाराणसी (जनवार्ता) : भगवान शिव की नगरी काशी अब जल्द ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार होने जा रही है। गंजारी (राजातालाब) में बन रहे अत्याधुनिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है और यह वर्तमान में लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से 30 एकड़ क्षेत्र में फैले इस स्टेडियम को इसी साल पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

स्टेडियम की सबसे बड़ी खासियत उसकी भगवान शिव-थीम वाली वास्तुकला है। त्रिशूल के आकार की आकर्षक फ्लडलाइटें अब स्टेडियम का मुख्य आकर्षण बन गई हैं, जिनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। स्टेडियम की छत अर्धचंद्र के आकार की होगी, जबकि मीडिया सेंटर डमरू की शक्ल में तैयार किया जा रहा है। प्रवेश द्वारों पर बिल्वपत्र की थीम भी अपनाई गई है। यह डिजाइन काशी की आध्यात्मिक विरासत और आधुनिक खेल सुविधाओं का अनुपम संगम प्रस्तुत कर रहा है।
स्टेडियम में 30 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी, जिसे जरूरत पड़ने पर 40 हजार तक बढ़ाया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कुल 14 पिचें तैयार की जा रही हैं। अत्याधुनिक ड्रेनेज सिस्टम लगाया जा रहा है, जिससे बारिश के बाद भी खेल जल्द शुरू हो सके। इंडोर गेम्स के लिए कोर्ट, आधुनिक पेवेलियन और खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन प्रशिक्षण सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।
यह स्टेडियम पूर्वांचल के साथ-साथ बिहार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के युवा क्रिकेटरों के लिए उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी काम करेगा।
प्रदेश सरकार की योजना है कि स्टेडियम का उद्घाटन 2026 में एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के साथ किया जाए। अधिकारियों का कहना है कि सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएंगी, ताकि काशी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेजबानी कर सके।
उत्तर प्रदेश का यह तीसरा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनने के बाद वाराणसी न सिर्फ खेल, बल्कि पर्यटन और आर्थिक विकास के नजरिए से भी नई ऊंचाइयों को छू सकेगा।
काशी विश्वनाथ की नगरी में महादेव की थीम वाला यह स्टेडियम जल्द ही काशी की नई पहचान बनने वाला है, जहां आध्यात्मिकता और खेल का अद्भुत मेल देखने को मिलेगा।

