मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद गई आंखों की रोशनी
चिकित्सक समेत तीन पर एफआईआर
वाराणसी (जनवार्ता)। मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद एक मरीज की आंखों की रोशनी पूरी तरह चले जाने के गंभीर मामले में रामनगर पुलिस ने यूरेनिया नेत्रालय के प्रबंधक समेत दो चिकित्सकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामला चिकित्सीय लापरवाही से जुड़ा बताया जा रहा है।
चितईपुर थाना क्षेत्र के करौंदी अंबेडकर नगर निवासी हरेराम सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह लंबे समय से मोतियाबिंद की समस्या से पीड़ित थे। इसी दौरान उनके संपर्क में आए डॉ. लालमनी ने उन्हें आंख के विशेषज्ञ डॉ. एस.एस. वर्मा के पास इलाज और ऑपरेशन के लिए भेजा।
पीड़ित के अनुसार, 14 मई 2025 को यूरेनिया नेत्रालय में उनका मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया और आंख में लेंस लगाया गया। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक डॉ. एस.एस. वर्मा ने आवश्यक चिकित्सीय जांच, सावधानियों और तय मानकों का पालन नहीं किया। ऑपरेशन के बाद आंख की रोशनी बेहतर होने के बजाय लगातार बिगड़ती चली गई और कुछ ही समय में आंख से पूरी तरह दिखाई देना बंद हो गया।
हरेराम सिंह का आरोप है कि बिगड़ती स्थिति की शिकायत करने पर चिकित्सक ने दवाओं से ठीक होने का आश्वासन दिया, लेकिन इलाज के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ। बाद में अन्य चिकित्सकों से परामर्श लेने पर बताया गया कि ऑपरेशन के दौरान हुई चिकित्सीय लापरवाही के कारण आंख की रोशनी चली गई।
पीड़ित का कहना है कि इस घटना से उन्हें शारीरिक और मानसिक पीड़ा के साथ-साथ भारी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
रामनगर थाना प्रभारी दुर्गा सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर हरि विहार कॉलोनी निवासी चिकित्सक डॉ. एस.एस. वर्मा, डॉ. लालमनी और यूरेनिया नेत्रालय के प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


