वाराणसी में टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ आंदोलन तेज
हैशटैग से शुरू होगा एक्स अभियान

वाराणसी (जनवार्ता)। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (काशी विद्यापीठ शाखा) ने टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के खिलाफ अपना संघर्ष और तेज करने का ऐलान किया है। संघ का कहना है कि आरटीई एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी थोपना अन्यायपूर्ण है, जिसके खिलाफ वे सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक आंदोलन चलाएंगे।

ब्लॉक संसाधन केंद्र केशरीपुर में हुई बैठक में शाखा अध्यक्ष सनत कुमार सिंह की अध्यक्षता में कार्यसमिति और संघर्ष समिति की बैठक हुई। सनत कुमार सिंह ने पदाधिकारियों के X (पूर्व ट्विटर) हैंडल की जांच की और सभी को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने तथा टीईटी विरोधी अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का निर्देश दिया।
टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चन्द्र शर्मा तथा उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशन में **#NoTetBeforeRteAct** हैशटैग के तहत रविवार को अपराह्न 2 बजे से 4 बजे तक X पर विशेष अभियान चलाया जाएगा। शिक्षकों से अधिक से अधिक पोस्ट करने, हैशटैग का उपयोग करने और आवाज बुलंद करने की अपील की गई है।
इसके बाद 23 से 25 फरवरी तक सभी शिक्षक विरोध के प्रतीक के रूप में काली पट्टी बांधकर नियमित शिक्षण कार्य करेंगे।
26 फरवरी को दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन होगा। धरना के बाद पैदल मार्च निकालकर जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जाएगा।
सनत कुमार सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार शिक्षकों की मांगें नहीं मानती तो मार्च के तीसरे सप्ताह में दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली आयोजित की जाएगी।
यह आंदोलन प्रदेशभर में फैल रहा है, जहां विभिन्न जिलों में इसी तरह की बैठकें और कार्यक्रम हो रहे हैं। शिक्षक संगठन एकजुट होकर आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट की मांग कर रहे हैं।

