सावित्रीबाई फुले जयंती पर सांसद चंदौली ने महिलाओं का किया सम्मान
वाराणसी (जनवार्ता) । क्रांति ज्योति सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर वाराणसी में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में चंदौली लोकसभा क्षेत्र के सांसद वीरेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में महिलाओं का सम्मान करते हुए सांसद ने आयोजकों को बधाई दी और सावित्रीबाई फुले के योगदान को याद किया।

सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा, “मैं क्रांति ज्योति सावित्रीबाई फुले को स्मरण कर उन्हें प्रणाम करता हूं। कार्यक्रम के सभी आयोजकों को हार्दिक बधाई देता हूं।” उन्होंने आगे बताया कि सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 को हुआ था। उनके पिता खंडोजी नैवेसे और माता लक्ष्मीबाई थे। मात्र 10 वर्ष की आयु में उनका विवाह महात्मा ज्योतिराव फुले से हुआ था।
सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका थीं, जिन्होंने देश में पहला बालिका विद्यालय स्थापित किया और उसकी पहली प्रिंसिपल बनीं। उन्होंने पहला किसान स्कूल भी शुरू किया। शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं के उत्थान के लिए उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्य किए, जिन्होंने समाज में क्रांति ला दी।
कार्यक्रम में अपनादल (कमेरावादी) की महिला मंच जिलाध्यक्ष अनीता पटेल, प्रदेश अध्यक्ष राजेश पटेल, जिलाध्यक्ष संजय पटेल, बलराम यादव, उमेशचंद्र मौर्य, राम बालक पटेल (पूर्व ब्लॉक प्रमुख) और विजय प्रकाश पटेल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। आयोजकों की ओर से सांसद को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
सावित्रीबाई फुले का योगदान आज भी महिलाओं को शिक्षा और सशक्तीकरण की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

