शादी-बारात के दौरान यातायात सुगम रखने और ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए पुलिस आयुक्त ने दिए सख्त निर्देश
वाराणसी (जनवार्ता) : पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शहर में बारात, शादी एवं अन्य आयोजनों के दौरान बढ़ते यातायात जाम, सड़क अवरोध और ध्वनि प्रदूषण की समस्या पर कड़ा रुख अपनाते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंगलवार को यातायात लाइन सभागार में मैरिज लॉन तथा बैंक्वेट हॉल संचालकों, बैंड-बाजा संचालकों और डीजे संचालकों के साथ एक विशेष गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें सभी संबंधित पक्षों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए।


पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि इन निर्देशों का पालन न करने पर मोटर वाहन अधिनियम, ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण एवं विनियमन नियम तथा भारतीय न्याय संहिता के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस निरस्तीकरण तक की सख्त कार्रवाई शामिल हो सकती है।
मैरिज लॉन और बैंक्वेट हॉल संचालकों को निर्देश दिए गए कि वाहनों की पार्किंग केवल अनुमोदित नक्शे में दर्शाए गए निर्धारित पार्किंग स्थान पर ही हो। बारात और अतिथि वाहनों को परिसर के अंदर ही पार्क कराना अनिवार्य होगा तथा बाहर सड़क पर पार्किंग बिल्कुल नहीं की जाएगी। यदि निर्धारित पार्किंग का किसी अन्य प्रयोजन के लिए उपयोग पाया गया तो लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। लॉन संचालकों को बाहर पार्किंग व्यवस्था सुचारु रखने के लिए 3 से 4 कर्मचारियों की तैनाती करनी होगी। आयोजन के दौरान सड़क पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या यातायात बाधा उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी। बारात निकालने से पहले मार्ग पूर्व निर्धारित कर यातायात पुलिस से समन्वय स्थापित करना अनिवार्य होगा।
बैंड-बाजा संचालकों को सख्त चेतावनी दी गई कि पटाखे फोड़ना, अत्यधिक शोर मचाना या जनसुरक्षा को खतरा पैदा करने वाला कोई भी कार्य पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। बारात के दौरान रस्सी का प्रयोग अनिवार्य होगा ताकि सड़क का केवल एक-तिहाई भाग ही बारात के लिए उपयोग हो और शेष दो-तिहाई भाग सामान्य यातायात के लिए पूरी तरह खुला रहे। विशेष परिस्थितियों में भी सड़क के एक-तिहाई से अधिक भाग का उपयोग नहीं किया जाएगा। उल्लंघन की स्थिति में बैंड-बाजा संचालकों के खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
डीजे और लाउडस्पीकर संचालकों को निर्देश दिए गए कि रात्रि 10 बजे के बाद डीजे या संगीत पूरी तरह बंद कर देना अनिवार्य होगा। यदि किसी व्यक्ति द्वारा निर्धारित समय के बाद डीजे बजाने का दबाव बनाया जाता है तो डीजे संचालक तुरंत डायल-112 पर सूचना दें। 80 डेसीबल से अधिक ध्वनि का उपयोग वर्जित रहेगा। साथ ही डीजे वाहन को सड़क के किनारे या यातायात बाधित करने वाले किसी भी स्थान पर खड़ा नहीं किया जाएगा।
गोष्ठी में अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरि मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, मैरिज लॉन संचालक और डीजे संचालक उपस्थित रहे। पुलिस आयुक्त ने कहा कि ये कदम शहरवासियों को सुगम यातायात और शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराने के लिए उठाए गए हैं, खासकर शादी के मौसम में जब ऐसी समस्याएं आम हो जाती हैं। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से सहयोग की अपील की और कहा कि नियमों का पालन करने से ही बारात जैसी खुशीपूर्ण परंपराएं बिना किसी असुविधा के संपन्न हो सकेंगी।

