वाराणसी : कोडीनयुक्त कफ सीरप तस्करी केस मामले में चंपा टावर सहित 13.53 करोड़ की संपत्तियां कुर्क
वाराणसी (जनवार्ता)। कोडीन युक्त कफ सीरप की अवैध तस्करी के बड़े मामले में पुलिस ने एक बार फिर कड़ा एक्शन लिया है। थाना कोतवाली में दर्ज मुकदमे के दो प्रमुख अभियुक्तों मनोज कुमार यादव और भोला प्रसाद जायसवाल की चम्पाबाग स्थित चंपा टावर सहित कुल पांच संपत्तियां मंगलवार दोपहर कुर्क कर ली गईं। न्यायालय के आदेश पर हुई इस कार्रवाई में इन संपत्तियों की अनुमानित कुल कीमत 13.53 करोड़ रुपये आंकी गई है।

पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव बंसवाल ने पुष्टि की कि यह कार्रवाई अवैध रूप से अर्जित धन से बनी संपत्तियों को जब्त करने के अभियान का हिस्सा है। जांच में पता चला है कि आरोपी इस नेटवर्क के माध्यम से कोडीन मिश्रित कफ सीरप की बड़े पैमाने पर तस्करी कर रहे थे, जो कई राज्यों के साथ पड़ोसी देशों तक फैला हुआ था।
मामले के मुख्य सरगना शुभम जायसवाल, जो भोला प्रसाद जायसवाल का पुत्र है, अभी फरार है और उसके सिर पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। भोला प्रसाद जायसवाल सोनभद्र जेल में बंद हैं। इससे पहले वाराणसी पुलिस ने भोला प्रसाद की 28 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी, जबकि सोनभद्र पुलिस ने उनके परिवार की 38 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की हैं। मनोज कुमार यादव भी फरार हैं, जिन पर 25 हजार रुपये का इनाम लगा हुआ है।
पुलिस का कहना है कि एनडीपीएस एक्ट के तहत यह कार्रवाई अवैध धन और संपत्तियों को जब्त करने के क्रम में की जा रही है। कई अन्य आरोपियों की संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया भी जारी है। यह कदम अवैध नशीले पदार्थों के व्यापार में शामिल लोगों के खिलाफ प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति को मजबूती से दर्शाता है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच तेजी से चल रही है और सभी दोषियों को जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।

