आरटीई के तहत बच्चों को प्रवेश न देने पर होगी स्कूलों की मान्यता रद्द
वाराणसी (जनवार्ता) । जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अनुराग श्रीवास्तव ने गैर सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों को सख्त चेतावनी दी है।

बीएसए ने कहा कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 (आरटीई एक्ट) की धारा 12(1)(ग) के तहत चयनित बच्चों को प्रवेश देने से मना करने, अभिभावकों से अवैध शुल्क वसूलने, अनावश्यक दस्तावेज मांगने और अभिभावकों को परेशान करने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी शिकायतों का संज्ञान लिया गया है। यदि जांच में कोई भी आरोप सत्य पाया गया तो संबंधित विद्यालय के खिलाफ RTE अधिनियम की धारा 13 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे विद्यालयों को शुल्क प्रतिपूर्ति (फीस रिम्बर्समेंट) का भुगतान भी नहीं किया जाएगा।
बीएसए ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पत्र जारी होने के बाद भी कोई विद्यालय चयनित बच्चों को प्रवेश देने से इनकार करता है, तो उसकी मान्यता वापस लेने की कार्यवाही की जाएगी। ऐसी स्थिति में पूरी जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन की होगी।
अनुराग श्रीवास्तव ने सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया कि वे आरटीई अधिनियम के प्रावधानों का सख्ती से पालन करें और चयनित बच्चों को बिना किसी परेशानी के प्रवेश सुनिश्चित करें।

