वाराणसी में जोश और सम्मान के साथ मना गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय पर्व
वाराणसी (जनवार्ता) : देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर काशी में पूरे जोश और सम्मान के साथ राष्ट्रीय पर्व मनाया गया। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने अपने कैंप कार्यालय एवं कमिश्नरी परिसर में तथा जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कलेक्ट्रेट स्थित राइफल क्लब और अपने कैंप कार्यालय में तिरंगा फहराकर समारोह की शुरुआत की।

ध्वजारोहण के पश्चात् राष्ट्रगान की धुन बजी और उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों तथा नागरिकों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। अपने संबोधन में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने कहा कि भारतीय संविधान हमारे लोकतंत्र की आत्मा है। इसके मूल्यों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व—को आत्मसात करना प्रत्येक नागरिक का पवित्र कर्तव्य है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के महानायक महात्मा गांधी के नमक सत्याग्रह सहित अन्य आंदोलनों का स्मरण करते हुए बलिदानियों को नमन किया और लोकतंत्र को और सशक्त बनाने में सभी की भागीदारी पर बल दिया।
मंडलायुक्त ने युवा पीढ़ी को संविधान की महत्ता से परिचित कराने का आह्वान किया। साथ ही सोशल मीडिया पर फैल रही अनवेरिफाइड एवं भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि नई पीढ़ी को इसके दुष्प्रभावों से बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।
इसके अलावा, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वजारोहण के बाद संविधान की प्रस्तावना की सामूहिक शपथ दिलाई। कार्यक्रम में बालिकाओं तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को सम्मानस्वरूप उपहार वितरित किए गए। समारोह के समापन पर जिलाधिकारी ने परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
दोनों अधिकारियों ने जिलेवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
काशी विश्वनाथ मंदिर सहित अन्य स्थानों पर भी तिरंगे की आराधना से पूरा वातावरण देशभक्ति से गूंज उठा। यह उत्सव न केवल गर्व का प्रतीक बना, बल्कि संविधान के आदर्शों को जीवंत करने का संकल्प भी दिलाया।

