दरी पर बैठकर कैंट विधायक ने बनाई एसआईआर प्रभावित वोटरों को जुड़वाने की कार्ययोजना
वाराणसी (जनवार्ता) । उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम कटने की खबरों के बीच कैंट विधानसभा के भाजपा विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने रामापुरा वार्ड में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ दरी पर बैठकर एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में आगामी अभियानों की रूपरेखा तैयार की गई और SIR प्रक्रिया के कारण वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों को पुनः जुड़वाने पर विशेष जोर दिया गया।

विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि SIR मैपिंग और सत्यापन प्रक्रिया के दौरान बहुत से मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट लिस्ट से कट गए हैं। कैंट विधानसभा क्षेत्र में यह समस्या सबसे गंभीर रूप में सामने आई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि संगठित होकर फॉर्म-6 के माध्यम से इन नामों को जल्द से जल्द पुनः शामिल करवाया जाए। उन्होंने कहा कि समय बहुत कम है लेकिन हमारी टीम की मेहनत और एकजुटता से इस चुनौती को पार किया जा सकता है।
विधायक ने बताया कि पूरे उत्तर प्रदेश में SIR के बाद ड्राफ्ट लिस्ट में 2.89 करोड़ नाम हटाए गए हैं जबकि 12.55 करोड़ नाम बरकरार रखे गए हैं। पहले कुल 15.44 करोड़ मतदाता थे। वाराणसी जिले में भी हजारों नाम प्रभावित हुए हैं जिसमें कैंट क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित है उसके बाद उत्तरी विधानसभा और फिर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र आता है।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे स्थानीय पार्षद राम गोपाल वर्मा ने विधायक की बातों का समर्थन करते हुए कार्यकर्ताओं से कहा कि डबल इंजन सरकार की ताकत और संगठन की एकजुटता से हम इस समस्या को अवसर में बदल देंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि घर-घर जाकर प्रभावित मतदाताओं की मदद करें और तय समय में लक्ष्य पूरा करें।
विधायक ने कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया कि 6 फरवरी 2026 तक दावा-आपत्ति के अवसर का अधिकतम उपयोग किया जाए। नाम कटने वाले मतदाता फॉर्म-6 भरकर ऑनलाइन voters.eci.gov.in पर या ऑफलाइन बीएलओ तथा ईओ कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों जैसे 2003 SIR लिस्ट प्रमाण या अन्य वैध पहचान पत्र के साथ आवेदन कर सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को जारी की जाएगी।
यह बैठक जमीनी स्तर पर चुनावी तैयारियों को मजबूत करने का मजबूत संदेश देती हुई साबित हुई। साधारण दरी पर बैठकर विधायक ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया और संगठन को इस महत्वपूर्ण अभियान के लिए प्रेरित किया।

