दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को लेकर तेज हुई हलचल, प्रभावितों से मांगे गए अभिलेख
प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग वाराणसी ने मुआवजा प्रक्रिया हेतु शपथपत्र व आवश्यक दस्तावेज जमा करने का दिया निर्देश

वाराणसी (जनवार्ता)।दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण परियोजना को लेकर इलाके में हलचल तेज हो गई है। प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग, वाराणसी ने प्रभावित मकान मालिकों से मुआवजा प्राप्त करने हेतु आवश्यक अभिलेख मांगे हैं। विभाग की ओर से जारी फॉर्मेट में प्रभावितों से 10 रुपये के स्टाम्प पेपर पर शपथपत्र के साथ कई दस्तावेजों की प्रतियां प्रस्तुत करने को कहा गया है।

सूत्रों के अनुसार, दालमंडी मार्ग के चौड़ीकरण के तहत आने वाले भवनों व भूखंडों के स्वामियों को अपना दावा प्रस्तुत करने के लिए विभाग ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, नगर निगम का पीला कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति, क्रय-विक्रय अमिलेख या मंजरूलीड, भूखंड स्वामित्व से संबंधित कागजात और भवन की रंगीन फोटो जमा करना अनिवार्य किया गया है।

विभागीय निर्देशों के अनुसार, प्रभावित भवन स्वामी यह शपथपत्र देंगे कि वे मार्ग चौड़ीकरण कार्य में सहयोगी हैं और मुआवजा राशि प्राप्त करने के बाद किसी भी प्रकार का विवाद या दावा भविष्य में नहीं करेंगे। शपथपत्र में यह भी उल्लेख करना आवश्यक है कि वे स्वेच्छा से प्रभावित भाग को खाली करने के लिए तैयार हैं।
प्रांतीय खंड के अभियंता के अनुसार, सभी दस्तावेजों पर भवन स्वामियों के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं। इन्हें निर्धारित क्रम में संलग्न कर विभाग कार्यालय में जमा किया जाएगा ताकि मुआवजा वितरण प्रक्रिया को शीघ्र गति दी जा सके।
इस परियोजना के तहत दालमंडी मार्ग को 60 फुट चौड़ा किया जाना है — जिसमें 30 फुट सड़क और दोनों ओर 15-15 फुट की पटरी बनाई जाएगी। चौड़ीकरण से सैकड़ों भवन प्रभावित हो रहे हैं, जिनके स्वामियों को प्रशासन द्वारा उचित क्षतिपूर्ति दिए जाने की प्रक्रिया जारी है।
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