बीएचयू में ‘पूरब के रंग’ कार्यशाला: विद्यार्थियों ने सीखी पूरब अंग गायकी की बारीकियां

बीएचयू में ‘पूरब के रंग’ कार्यशाला: विद्यार्थियों ने सीखी पूरब अंग गायकी की बारीकियां

वाराणसी (जनवार्ता)। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संगीत एवं मंच कला संकाय के गायन विभाग की ओर से आयोजित त्रिदिवसीय कार्यशाला ‘पूरब के रंग’ के दूसरे दिन मंगलवार को विद्यार्थियों को पूरब अंग गायकी की विशिष्ट शैली का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

rajeshswari


कार्यशाला की प्रशिक्षक एवं बीएचयू महिला महाविद्यालय की आचार्या प्रो. ऋचा कुमार ने प्रतिभागियों को पूरब अंग गायकी की शैलीगत विशेषताओं, बोल-बनाव, भावाभिव्यक्ति तथा ठुमरी गायन की प्रस्तुति के विभिन्न आयामों से अवगत कराया। उन्होंने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों को गायकी की बारीकियों का अभ्यास भी कराया।


संगीत एवं मंच कला संकाय की अधिष्ठाता प्रो. संगीता पंडित तथा आयोजन सचिव डॉ. मधुमिता भट्टाचार्य और डॉ. श्यामा कुमारी ने बताया कि सोमवार से शुरू हुई यह कार्यशाला तीन दिनों तक चलेगी। इसमें ‘पूरब के रंग’ विषय के अंतर्गत पूरब अंग गायकी की परंपरा, शैलीगत विशेषताओं और उसके व्यावहारिक पक्षों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।


उन्होंने बताया कि प्रो. ऋचा कुमार शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय संगीत की प्रतिष्ठित गायिका हैं। उनके मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को पूरब अंग गायकी की समृद्ध परंपरा को व्यवहारिक रूप से सीखने का अवसर मिल रहा है।
कार्यशाला में बी.पी.ए., एम.पी.ए. और पीएचडी के विद्यार्थियों के साथ बीएचयू महिला महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इसे भी पढ़े   'उम्मीद से ज्यादा हिंदू चिन्ह मिले' हिन्दू वादनी सीता साहू ने बताया ज्ञानवापी के तहखाने का सच
Shiv murti

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *