बीएचयू में दो दिवसीय कार्यशाला: पत्रकारिता के छात्र सीखेंगे ड्रोन और एआई से डिजिटल फिल्म मेकिंग
वाराणसी (जनवार्ता)। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के पत्रकारिता एवं जन संप्रेषण विभाग के छात्र-छात्राएं अब ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से डिजिटल फिल्म निर्माण की आधुनिक तकनीक सीखेंगे। विभाग की ओर से सोमवार 6 अप्रैल से कला संकाय के प्रेमचंद सभागार में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यशाला का मुख्य फोकस ‘डिजिटल फिल्म मेकिंग यूजिंग ड्रोन एंड एआई’ है। इसमें स्नातक और परास्नातक स्तर के विद्यार्थियों को ड्रोन से एरियल शूटिंग, एआई आधारित एडिटिंग, स्क्रिप्टिंग और प्रोडक्शन की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाएगी। एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला का समन्वय विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. बाला लखेंद्र करेंगे।
समन्वयक डॉ. बाला लखेंद्र ने बताया कि आज के डिजिटल युग में मीडिया और फिल्म निर्माण में एआई और ड्रोन टेक्नोलॉजी क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। कार्यशाला के माध्यम से छात्रों को इन नई तकनीकों से रू-ब-रू कराया जाएगा, ताकि वे भविष्य में बेहतर कंटेंट क्रिएटर और फिल्ममेकर बन सकें।
कार्यशाला का उद्घाटन बीएचयू कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी करेंगे। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता कला संकाय की प्रमुख प्रो. सुषमा घिल्डियाल करेंगी। उद्घाटन सत्र में छात्र कल्याण अध्यक्ष प्रो. रंजन कुमार सिंह, एपीजे इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रो. सजल मुखर्जी, डीआईएल पानीपत की निदेशक प्रशिक्षण प्रो. प्रेरणा डावर सलूजा, प्रो. मुदिता राज, प्रो. नवीन गौतम और प्रो. अंकित कुमार मलयन सहित कई विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे।
कार्यशाला के सह-समन्वयक डॉ. धीरेंद्र कुमार राय और आयोजन सचिव छात्र सलाहकार डॉ. शैलेंद्र कुमार सिंह हैं। दो दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में फिल्म निर्माण के सैद्धांतिक तथा व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा और हैंड्स-ऑन सेशन्स होंगे।
यह कार्यशाला पत्रकारिता और जन संप्रेषण के छात्रों के लिए आधुनिक मीडिया टेक्नोलॉजी सीखने का सुनहरा अवसर साबित होगी।

