वाराणसी: शंकराचार्य के वकील को मिली बम से उड़ाने की धमकी
POCSO मामले में बढ़ा तनाव
वाराणसी (जनवार्ता): ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर प्रयागराज के झूंसी थाने में POCSO एक्ट के तहत दर्ज मामले की पैरवी कर रहे बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी को बुधवार देर रात जान से मारने की गंभीर धमकी मिली है। त्रिपाठी के मोबाइल नंबर 9415224299 पर रात करीब 2:20 बजे अज्ञात नंबर 077960 41673 से एसएमएस आया, जिसमें स्पष्ट लिखा था, “बनारस कचहरी को हम बम से उड़ा देंगे, तुम्हें भी।” अधिवक्ता त्रिपाठी ने इस धमकी वाले मैसेज का स्क्रीनशॉट अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कर घटना की जानकारी दी है।

यह धमकी ऐसे वक्त आई है जब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इस संवेदनशील POCSO मामले में मुख्य आरोपी हैं और श्रीनाथ त्रिपाठी ही उनका कानूनी पक्ष संभाल रहे हैं। धमकी मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं तथा मैसेज भेजने वाले की तलाश में जांच तेज कर दी गई है। पिछले 14 दिनों में वाराणसी कचहरी को बम से उड़ाने की यह चौथी धमकी है, जिसके चलते स्थानीय पुलिस और प्रशासन हाई अलर्ट पर है। इससे पहले मंगलवार को भी एक धमकी भरा ईमेल मिला था, जिसके बाद जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में गहन तलाशी अभियान चलाया गया था।
प्रयागराज पुलिस ने POCSO मामले में पीड़ित नाबालिगों और उनके परिजनों से पूछताछ पूरी कर ली है। मामले के चौथे दिन पुलिस शंकराचार्य से पूछताछ कर सकती है, लेकिन बुधवार को प्रयागराज पुलिस की टीम वाराणसी के श्री विद्या मठ नहीं पहुंची। शंकराचार्य फिलहाल केदारघाट स्थित श्री विद्या मठ में प्रवास कर रहे हैं, जहां श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या पहुंच रही है।
शंकराचार्य ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि बच्चे उनके पास कभी आए ही नहीं, इसलिए यौन शोषण का कोई सवाल नहीं उठता। उन्होंने इसे पूरी तरह साजिश बताया है, जिसका उद्देश्य गौमाता की हत्या के विरोध में उनके चल रहे अभियान को रोकना है। उन्होंने 11 मार्च को लखनऊ में प्रस्तावित प्रदर्शन की पुष्टि भी की है।
आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि उनके पास मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और वाराणसी के विभिन्न मठों में बटुकों के यौन शोषण के ठोस सबूत हैं। उन्होंने मेडिकल जांच से शोषण की पुष्टि होने का भी दावा किया तथा यूपी के एक डिप्टी सीएम पर माघ मेले के दौरान साजिश रचने का आरोप लगाया, हालांकि उन्होंने नाम नहीं लिया। ब्रह्मचारी ने मठ के CEO प्रकाश उपाध्याय और अरविंद की भूमिका की जांच की मांग की है।
शंकराचार्य ने पलटवार में कहा कि बच्चे उनके पास नहीं थे, बल्कि शिकायतकर्ता के पास थे, इसलिए जिम्मेदारी उसी की है। उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जानकारी दी और तस्वीरों के जरिए भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।

