वाराणसी में रोपवे के गोंडोला के झूलने का वीडियो वायरल

वाराणसी में रोपवे के गोंडोला के झूलने का वीडियो वायरल

प्रबंधन ने बताया ट्रायल का हिस्सा और पूरी तरह सुरक्षित

वाराणसी (जनवार्ता)। देश की पहली शहरी पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे परियोजना के ट्रायल रन के दौरान एक गोंडोला के तेज हवा में झूलते हुए का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में गोंडोला काफी हद तक हिलता दिख रहा है, जिसे देखकर कई यूजर्स ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। कुछ लोगों ने इसे ‘डेथ ट्रैप’ तक करार दिया और 815 करोड़ रुपये की इस परियोजना पर सवाल उठाए।

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वायरल वीडियो में एक व्यक्ति की आवाज भी सुनाई दे रही है, जो गोंडोला के झूलने पर हैरानी जता रहा है और कह रहा है कि हवा के झोंके से यह इतना हिल रहा है कि यात्रियों की हालत क्या होगी। वीडियो को हजारों बार शेयर किया जा चुका है और लोग इसमें सफर करने की कल्पना मात्र से डर जता रहे हैं।

हालांकि, रोपवे प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यह वीडियो ट्रायल प्रक्रिया का हिस्सा है और पूरी तरह नियोजित है। एनएचएलएमएल (नेशनल हाइवेज लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड) के अधिकारियों के अनुसार, वाराणसी रोपवे प्रणाली स्विटजरलैंड की कंपनी बार्थोलेट की तकनीक पर आधारित है और इसे यूरोपीय सुरक्षा मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है। ट्रायल में तेज हवा की स्थिति, आपात ब्रेकिंग और अन्य संभावित परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

अधिकारियों ने कहा कि गोंडोला का हल्का झूलना डिजाइन का सामान्य हिस्सा है, जो हवा में स्थिरता बनाए रखने के लिए जरूरी है। यह किसी यांत्रिक खराबी या असुरक्षा का संकेत नहीं है। स्विटजरलैंड की विशेषज्ञ टीम भी मौके पर मौजूद है और सभी टेस्ट सफलतापूर्वक चल रहे हैं। प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और यह परियोजना यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर पूरी की जा रही है।

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बता दें कि 3.85 किलोमीटर लंबी यह रोपवे वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन को गोदौलिया चौक से जोड़ेगी, जिससे काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंच आसान हो जाएगी। परियोजना मई 2026 तक आम जनता के लिए शुरू होने की उम्मीद है। ट्रायल रन सफल रहने पर यह देश में शहरी ट्रांसपोर्ट के लिए रोपवे की मिसाल बनेगी।

लोगों की चिंता स्वाभाविक है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे सिस्टम दुनिया भर में सुरक्षित चल रहे हैं और वाराणसी का रोपवे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का है। प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि सभी सुरक्षा परीक्षण पूरा होने के बाद ही इसे शुरू किया जाएगा।

Shiv murti

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