वाराणसी उत्तरी में ‘वोट जेहाद’ आरोप निराधार साबित
पूर्व विधायक ने की आगे कार्रवाई रोकने की मांग
वाराणसी (जनवार्ता): उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में ‘वोट जेहाद’ से जुड़े गंभीर आरोपों की जांच पूरी हो चुकी है और ये आरोप निराधार पाए गए हैं। पूर्व विधायक हाजी अब्दुल समद अंसारी ने जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर इस प्रकरण में आगे कोई कार्रवाई न करने की मांग की है।

कुछ दिनों पहले भाजपा के विधायक एवं मंत्री रवींद्र जायसवाल ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से दावा किया था कि वाराणसी उत्तरी की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर फर्जी और डुप्लिकेट नाम, खासकर मुस्लिम समुदाय से जुड़े, जोड़े गए हैं। उन्होंने इसे ‘वोट जेहाद’ का हिस्सा बताते हुए जांच की मांग की थी और शुरुआत में 9000 से अधिक नामों की सूची सौंपी थी।
इसके बाद सहायक निर्वाचन अधिकारी (शहर उत्तरी) द्वारा की गई जांच में आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं मिला। हजारों नामों की जांच के दौरान डुप्लिकेट वोटर बेहद कम (केवल 8-9) पाए गए। बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा या ‘वोट जेहाद’ जैसी कोई बात साबित नहीं हुई। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भी ऐसे बड़े स्तर के फर्जीवाड़े को स्पष्ट रूप से नकार दिया है। यह पूरा मामला मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन से जुड़ा था।
पूर्व विधायक हाजी अब्दुल समद अंसारी ने अपने पत्र में कहा है कि जांच में आरोप फर्जी साबित हो चुके हैं, इसलिए अब इस मामले में अनावश्यक कार्रवाई जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि बेवजह की कार्रवाई से क्षेत्र का माहौल खराब हो सकता है और सामाजिक तनाव बढ़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि शांति, भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने के लिए संयम बरता जाए।
अंसारी ने कहा, “वाराणसी का माहौल हमेशा से भाईचारे का रहा है, इसे बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में ऐसे अनर्गल आरोप लगाना उचित नहीं। प्रशासन को निष्पक्षता से काम करना चाहिए।” वे जांच या कार्रवाई का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन जब आरोप निराधार साबित हो चुके हैं तो आगे की प्रक्रिया अनुचित होगी और इससे अशांति फैल सकती है।

