करैत और कोबरा जैसे 72 सांप,72 घंटे,कांच के बक्से से जिंदा निकला वो,दुनिया हैरान रह गई

करैत और कोबरा जैसे 72 सांप,72 घंटे,कांच के बक्से से जिंदा निकला वो,दुनिया हैरान रह गई

नई दिल्ली। दुनिया में अजब-गजब प्रतियोगिता होते रहे हैं। कई लोग विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए अपनी जान तक हथेली में ले लेते हैं। कुछ ऐसा ही प्रतियोगिता 20 जनवरी 1980 को हुई थी। नीलम कुमार खैर नामक 28 साल के एक युवा ने कुछ ऐसा ही चैलेंज स्वीकार किया था, जिसे सुन सबकी रूह कांप गई थी। नीलम 72 घंटे के दौरान पूरे वक्त कांच के केबिन में बंद रहे और विश्व रिकॉर्ड बनाकर निकले।

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करैत और कोबरा जैसे 72 सांप,72 घंटे,कांच के बक्से से जिंदा निकला वो,दुनिया हैरान रह गई
खैर 72 घंटे तक 72 जहरीले सांपों के बीच कांच के केबिन में बंद रहे थे। खैर ने रिकॉर्ड बनाने के लिए ऐसा किया था। जब वो कांच के शीशे में बंद थे हजारों लोग उन्हें देखने को आते थे।

72 जहरीले सांप, 72 घंटे
28 साल के खैर ने कुल 72 जहरीले सांपों के साथ 72 घंटे तक एक कांच के केबिन में बंद रहे थे। इन सांपों में 27 कोबरा, 24 रसल वाइपर, 9 ब्लैक कोबरा, 8 करैत और 4 सामान्य सांप थे। कैटरिंग में डिप्लोमा डिग्री धारी खैर पुणे के एक फाइव स्टार होटल ब्लू डायमंड में बतौर रिसेप्सनिस्ट नौकरी करते थे। महाराष्ट्र टूरिज्म डिपार्टमेंट में 9 साल की नौकरी के दौरान उन्हें सांपों से लगाव हो गया था। वो टूरिज्म डिपार्टमेंट में नौकरी के दौरान मुंबई (उस समय बंबई) के नजदीक एक हॉलीडे होम में बतौर मैनेजर काम करते थे। खैर ने बताया कि उसी दौरान वहां उनका सांपों से सामना होता था। मैं सांपों को मारने का पक्षधर नहीं था। तब मैंने सांपों को पकड़ना और उसे सह्यद्री की पहाड़ियों में छोड़ने लगा। बाद में धीरे-धीरे उनका सांपों का पकड़ने का सिलसिला शुरू हो गई। 1980 तक उन्होंने करीब 25 हजार सांप पकड़े थे। इस दौरान करीब 6 हजार सांपों ने उन्हें काटा।

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ऐसे आया विश्व रिकॉर्ड बनाने का आइडिया
खैर ने अपने घर के पीछे स्नेक पार्क बनाया था। तभी उन्हें ऑस्ट्रेलिया के पीटर सिनेमैरिस के रिकॉर्ड के बारे में जानकारी लगी। पीटर दक्षिण अफ्रीका के जोहानसबर्ग में 18 बेहद जहरीले और 4 कम जहरीले सांपों के साथ 50 घंटे तक रहकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। खैर ने कहा कि तभी मैंने फैसला किया यह रिकॉर्ड भारतीय शख्स के नाम होना चाहिए।

20 जनवरी को शुरू हुई थी प्रतियोगिता
20 जनवरी 1980 को खैर पुणे के बी जे मेडिकल कॉलेज स्पोर्ट्स ग्राउंड में कांच से बने एक केबिन में घुसे। उनके रहने के लिए एक रेस्टिंग चेयर मिली थी और एक टेबल। 72 घंटे के दौरान कई बार जहरीले सांप उनके शरीर पर चढ़े। इस दौरान खैर उन सांपों को अपने हाथ से पकड़कर नीचे रख देते थे। इस दौरान खैर करीब 72 सांपों के संपर्क में आए जबकि पीटर महज एक चौथाई सांपों के संपर्क में आए। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने खैर को पत्र लिखकर बताया था कि इस रिकॉर्ड के दौरान वह हर रोज करीब आधे घंटे केबिन के बाहर बिता सकते हैं। लेकिन खैर ने इससे मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने पीटर के 900 प्वाइंट की तुलना में 1,512 अंक अर्जित किए। 72 घंटे के बाद खैर विजेता के रूप में बाहर निकले। आश्चर्य की बात ये थी कि इस दौरान उन्हें एक भी सांप ने नहीं काटा।

Shiv murti

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