अंतरधार्मिक प्रेम विवाह बना चर्चा का विषय, थाने में घंटों चली पंचायत
वाराणसी (जनवार्ता)। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के करधना गांव में एक अंतरधार्मिक प्रेम विवाह इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। गांव के ही एक हिंदू युवक और मुस्लिम युवती ने परिवारों के विरोध के बावजूद मुंबई जाकर मंदिर में विवाह कर लिया। शनिवार को गांव लौटने पर मामला थाने पहुंच गया, जहां दोनों पक्षों के बीच घंटों तक पंचायत और बातचीत का दौर चला।

जानकारी के अनुसार करधना निवासी युवक सोनू और गांव की एक युवती के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था। एक ही गांव में रहने के कारण दोनों की नजदीकियां बढ़ीं और उन्होंने साथ जीवन बिताने का निर्णय लिया। हालांकि अलग-अलग धर्मों से होने के कारण दोनों के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे।
बताया जाता है कि करीब 15 दिन पहले दोनों घर छोड़कर मुंबई चले गए थे। वहां उन्होंने हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया। इधर युवती के घर से अचानक लापता होने पर परिजनों ने मिर्जामुराद थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई थी।
शनिवार तड़के दोनों के गांव लौटने की सूचना मिलते ही युवक के परिजन उन्हें लेकर थाने पहुंचे। कुछ देर बाद युवती के परिजन भी वहां पहुंच गए। विवाह की जानकारी मिलने पर युवती के परिजनों ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद थाने में दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस और पंचायत चली। गांव के कई सम्मानित लोग भी समझौते का प्रयास करने पहुंचे।
इस दौरान प्रेमी युगल अपने साथ रहने के फैसले पर अडिग रहा, जबकि परिजन उन्हें मनाने की कोशिश करते रहे। स्थिति को देखते हुए पुलिस भी पूरी तरह सतर्क रही।
मिर्जामुराद थाना प्रभारी गोपाल जी कुशवाहा ने बताया कि युवती की गुमशुदगी दर्ज थी। दोनों के सामने आने के बाद आवश्यक जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि युवक और युवती दोनों बालिग हैं तथा कानून के अनुसार उन्हें अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने का अधिकार है।
फिलहाल यह प्रेम विवाह क्षेत्र में चर्चा और बहस का विषय बना हुआ है, जहां लोग सामाजिक, धार्मिक और शैक्षणिक भिन्नताओं के बावजूद प्रेम के विवाह तक पहुंचने की चर्चा कर रहे हैं।

