कुरआन पूरी इंसानियत के लिए हिदायत की किताब: मौलाना सैयद कमाल ताहिर बिजनौर

कुरआन पूरी इंसानियत के लिए हिदायत की किताब: मौलाना सैयद कमाल ताहिर बिजनौर

वाराणसी (जनवार्ता): कुरआन हिदायत की किताब है, जो सिर्फ मुसलमानों के लिए नहीं बल्कि पूरी इंसानियत के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती है। यह बात रविवार को शिया जामा मस्जिद मीर गुलाम अब्बास (अर्दली बाजार) में सैयद आज़ादार हुसैन के चेहलुम की मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना सैयद कमाल ताहिर बिजनौर ने कही।

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मौलाना ने कहा कि कुरआन में जुल्म को बहुत बुरा बताया गया है और यही जुल्म इंसान के बर्बाद होने का मुख्य कारण बनता है। कुरआन में जुल्म की तीन प्रमुख किस्में बताई गई हैं। पहली खुदा के साथ जुल्म यानी अपने पैदा करने वाले के साथ अन्याय, दूसरी बंदों के साथ जुल्म यानी दूसरों पर अत्याचार और तीसरी खुद के साथ जुल्म यानी स्वयं पर अन्याय। कुरआन इन जुल्मों को न केवल बुरा ठहराता है बल्कि इनसे बचने के स्पष्ट तरीके भी सिखाता है, जिससे समाज मजबूत और सशक्त बन सके।

मजलिस की शुरुआत कारी सैयद मोहम्मद अब्बास लखनऊ ने कलाम पाक की तिलावत से की, जो बेहद सुरीले लहजे में थी। सोजखوانی लियाकत अली खां साहब ने की, पेशखwani मेंहदी इमाम दिल्ली ने, तफसीर जौनपुरी ने, औन आलिया दिल्ली ने और जैन बनारसी ने प्रस्तुत किया। मजलिस का संचालन निजामत हसन वास्ती ने बखूबी किया।

इसमें मौलाना सैयद ज़मीरुलहसन रिज़वी, मौलाना तौसीफ अली सहित बड़ी संख्या में मोमिनों ने शिरकत की। मोमिनों का शुक्रिया मोहम्मद इमाम व हसन इमाम ने अदा किया।

यह मजलिस इमाम हुसैन (अ.स.) के चेहलुम के पवित्र अवसर पर आयोजित की गई, जिसमें कुरआन की शिक्षाओं पर गहन चर्चा हुई और इंसानियत के लिए हिदायत के संदेश को दोहराया गया।

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Shiv murti

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