मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त ने बरेका की संरक्षा और गुणवत्ता पर दिया जोर
वाराणसी (जनवार्ता): मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त जनक कुमार गर्ग ने आज वाराणसी स्थित बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) का विस्तृत दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कारखाने में निर्मित आधुनिक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव्स की निर्माण प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण तथा संरक्षा व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया।


निरीक्षण का प्रमुख उद्देश्य भारतीय रेलवे में संरक्षा मानकों को और सुदृढ़ करना था। श्री गर्ग ने लोको फ्रेम शॉप, लोको असेंबली शॉप, ट्रक मशीन शॉप और लोको टेस्ट शॉप का दौरा किया, जहां उन्होंने विभिन्न निर्माण चरणों में अपनाए जा रहे संरक्षा उपायों और गुणवत्ता मानकों की जांच की। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

कारखाने पहुंचने पर मुख्य विद्युत इंजीनियर अरविंद कुमार जैन ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर सुशील कुमार श्रीवास्तव ने बरेका द्वारा निर्मित विभिन्न प्रकार के उन्नत रेल इंजनों, आधुनिक तकनीकों, उच्च गुणवत्ता मानकों और संरक्षा प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
इस अवसर पर प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक आलोक अग्रवाल, प्रधान वित्त सलाहकार मुक्तेश मित्तल, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी लालजी चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका), जो पूर्व में डीजल लोकोमोटिव निर्माण के लिए जाना जाता था, अब मुख्य रूप से उच्च क्षमता वाले इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव्स जैसे WAG-12 और अन्य उन्नत मॉडलों का निर्माण करता है। यह भारतीय रेलवे की प्रमुख उत्पादन इकाई है, जो आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

