काशी हिंदू विश्वविद्यालय में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग तेज
वाराणसी(जनवार्ता)।काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के विभिन्न विभागों एवं कार्यालयों में लंबे समय से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी, मास्टररोल एवं संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग एक बार फिर सामने आई है। इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन को एक पत्र भेजा गया है, जिसमें नए पदों पर नियुक्ति से पहले वर्तमान कर्मचारियों को नियमित करने की अपील की गई है।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय द्वारा जूनियर क्लर्क की नियुक्ति के लिए सत्र 2024-25 में नॉन-टीचिंग पोस्ट ग्रुप ‘C’ का विज्ञापन 18 मार्च 2025 को जारी किया गया था। इसमें आवेदन की अंतिम तिथि 17 अप्रैल 2025 तथा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 22 अप्रैल 2025 निर्धारित की गई है। इस भर्ती का पोस्ट कोड 50003 बताया गया है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि इस विज्ञापन के बाद माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा सिविल अपील संख्या 8558/2018 (धर्म सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य) में दैनिक वेतनभोगी, मास्टररोल एवं संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के पक्ष में महत्वपूर्ण निर्णय दिया जा चुका है। पत्र के साथ न्यायालय के आदेश की प्रति भी संलग्न किए जाने का दावा किया गया है।
प्रेषक की ओर से विश्वविद्यालय प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को ध्यान में रखते हुए पहले विश्वविद्यालय में कार्यरत सभी दैनिक वेतनभोगी, मास्टररोल एवं संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए और उसके बाद ही किसी भी प्रकार की नई नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
इस पत्र के सामने आने के बाद बीएचयू में कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है और अब सभी की निगाहें विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
पत्र डॉ. सूबेदार सिंह द्वारा भेजा गया है।

