वाराणसी : बेटी पर करोड़ों की संपत्ति हड़पने का आरोप
75 वर्षीय मां ने पीएम मोदी से मांगी इच्छा मृत्यु
वाराणसी (जनवार्ता) । शिवपुर क्षेत्र में एक बेहद संवेदनशील और दुखद पारिवारिक विवाद ने शहर को हिला कर रख दिया है। 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला मीना सिंह ने अपनी बेटी डॉ. रुचि सिंह पर धोखाधड़ी से करोड़ों की संपत्ति हड़पने, मारपीट, प्रताड़ना और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई है। उनके 80 वर्षीय पति सुरेंद्र नाथ सिंह भी इसी प्रताड़ना का शिकार बताए जा रहे हैं।

दंपति का आरोप है कि 2022 में बेटी रुचि सिंह ने घर पर ही रजिस्ट्री अधिकारियों को बुलाकर चार दान-पत्र बनवाए और पूरी संपत्ति अपने नाम करा ली। इसकी जानकारी उन्हें बिजली बिल में नाम बदलने पर हुई। विरोध करने पर बेटी, पोता काव्यांश सिंह, नौकर कालू और धीरज सिंह ने मारपीट, गाली-गलौज, लाइसेंसी हथियार से डराने और जेवरात-नकदी छीनने की घटनाएं अंजाम दीं। आरोप है कि बैंक से 1.5 से 2 करोड़ रुपये भी निकाल लिए गए।
14 जनवरी 2026 को शिवपुर थाने में एफआईआर दर्ज हुई, जिसमें धारा 420 (धोखाधड़ी), 506 (धमकी) सहित अन्य धाराएं लगाई गईं। जांच एसआई को सौंपी गई, लेकिन पीड़ितों का कहना है कि पुलिस में अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सिविल कोर्ट से कोई राहत न मिलने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया गया। 17 फरवरी 2026 को हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए 23 अप्रैल 2026 तक घर से बेदखली और संपत्ति ट्रांसफर पर रोक लगा दी। 21 फरवरी को सिविल कोर्ट ने भी इस आदेश की पुष्टि की।
फिर भी, आरोप है कि कोर्ट के स्टे ऑर्डर की अवहेलना करते हुए 24 फरवरी की रात करीब 12:15 बजे बेटी रुचि सिंह, पोता काव्यांश और अन्य ने बुजुर्ग दंपति पर हमला कर दिया। मारपीट की गई, चोटें पहुंचाई गईं और जान से मारने की धमकी दी गई। मीना सिंह ने तुरंत 112 पर कॉल किया, पुलिस पहुंची और उन्हें थाने ले गई। तहरीर दर्ज हुई, लेकिन कार्रवाई में तेजी नहीं आई।
मीना सिंह ने भावुक अपील में कहा,
“इस उम्र में हम कितना मार खाएं? रोज प्रताड़ना होती है। घर में खाना बनाने नहीं दिया जाता, शाकाहारी होने के बावजूद मांस-मछली रखकर परेशान किया जाता है। अब बाहर से टिफिन मंगवाकर गुजारा करना पड़ता है। एसपी, सीपी से कह चुकी हूं कि मुझे इच्छा मृत्यु दे दीजिए। अब प्रधानमंत्री जी से हाथ जोड़कर कहती हूं – या तो न्याय दिला दें या मौत दे दें। मैं अब और नहीं सह सकती।”
पीड़ित पक्ष के वकील शुभम सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश का उल्लंघन हो रहा है, जो अदालत की अवमानना है। वे कानूनी कदम उठाने की तैयारी में हैं और पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

