यूपी एसआई भर्ती परीक्षा के नाम पर ठगी करने वाला आगरा से गिरफ्तार
एसटीएफ ने तार टेलीग्राम चैनलों के जरिए लाखों की ठगी का किया पर्दाफाश
लखनऊ (जनवार्ता)। उत्तर प्रदेश विशेष कार्यबल ने उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक एवं समकक्ष भर्ती परीक्षा-2025 के प्रश्नपत्र लीक करने के बहाने अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले एक चालाक आरोपी को आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। इस ठग ने तार टेलीग्राम पर नकली समूह चलाकर हजारों युवाओं को ठगा है। जांच में लाखों रुपये की ठगी की आशंका जताई जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी का नाम आयुष बघेल पुत्र मनोज बघेल है। वह इंजीनियर्स कॉलोनी, थाना न्यू आगरा, जिला आगरा का निवासी है। विशेष कार्यबल ने शुक्रवार को उसके घर के पास से ही उसे पकड़ा। उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है, जिसमें ठगी के कई सबूत मिले हैं।
तार टेलीग्राम पर चलाए नकली समूह
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जांच के दौरान पता चला कि आयुष ने तार टेलीग्राम पर तीन नकली समूह बनाए थे। इनके नाम थे – “यूपी एसआई यूपी पुलिस-2026”, “परिणाम पैनल निजी टीम” और “यूपी एसआई परीक्षा पत्र यूपी एसआई-2026”। इन समूहों में वह उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र देने का लालच देकर अभ्यर्थियों को जोड़ता था। वह भुगतान के लिए डिजिटल भुगतान पता और चित्र कोड भेजता था। कई मामलों में 10 से 25 हजार रुपये तक की मांग की गई।
नकली दस्तावेज से बनाता था विश्वास
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पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह दस्तावेज संपादक साधन की मदद से किसी पुरानी परीक्षा के प्रश्नपत्र का केवल पहला पृष्ठ बदलता था। उसमें प्रश्न और विकल्प दिखाकर बाकी भाग हटा देता था। इसे समूहों में डालकर अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाता था कि प्रश्नपत्र सही है। पैसे मिलते ही वह गायब हो जाता था।
बैंकों के खाते और अमेज़न उपहार पत्र से निशान मिटाता था
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ठगी की राशि वह अलग-अलग व्यक्तियों के बैंक खातों में लेता था। उन्हें कुछ हिस्सा देकर उनके खाते इस्तेमाल करवाता था। अपना हिस्सा वह अमेज़न अनुप्रयोग के संतुलन में 2000 रुपये के उपहार कोड के रूप में प्राप्त करता था, ताकि धन का पता लगाना कठिन हो जाए।
विशेष कार्यबल के अनुसार आरोपी ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर अनेक अभ्यर्थियों से लाखों रुपये ठगे हैं। उसके साथियों की खोज जारी है।
विशेष कार्यबल ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि प्रश्नपत्र लीक या हल किए गए प्रश्नपत्र के किसी भी प्रलोभन में न आएं। ऐसी कोई सूचना मिले तो तुरंत पुलिस या विशेष कार्यबल को बताएं, ताकि ऐसे ठगों पर कड़ी कार्रवाई हो सके।

