फायरिंग के 48 घंटे बाद भी पुलिस खाली हाथ, आरोपी अब भी फरार
चौबेपुर (जनवार्ता): स्थानीय थाना क्षेत्र के लूठाखुर्द गांव में गुरुवार सुबह बच्चों के बीच शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक रूप धारण कर लिया था। आरोप था कि विवाद के दौरान एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर पिस्टल से फायरिंग कर दी, जिसमें 70 वर्षीय बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।मिली जानकारी के अनुसार बताया गया था कि गांव निवासी पीड़ित परिवार के दिलीप गुप्ता ने बताया था कि उनके पुत्र रितेश गुप्ता के साथ अनिरुद्ध पांडे, अरुण पांडे और आयुष पांडे ने गाली-गलौज की थी। विरोध करने पर मामला बढ़ गया और आरोप था कि अरुण पांडे ने जान से मारने की नीयत से पिस्टल से फायरिंग कर दी थी।

इस फायरिंग में दिलीप गुप्ता के बड़े पिता लल्लू गुप्ता के हाथ में दो गोलियां लगीं थीं, ऐसा आरोप लगाया था। घायल अवस्था में उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरपतपुर ले जाया गया था, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए ट्रॉमा सेंटर, बीएचयू रेफर कर दिया गया था।सूचना मिलते ही चौबेपुर पुलिस मौके पर पहुंची और कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी थी। वहीं, पुलिस विभाग के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे तथा लोगों से पूछताछ की थी। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।थाना प्रभारी चौबेपुर वीरेंद्र कुमार सोनकर ने जनवार्ता प्रतिनिधि से बताया कि “जल्द ही पकड़े जाएंगे।
किंतु घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस मुख्य आरोपी अरुण पांडे और उसके साथियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की तलाश में कई ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस का हाथ अब भी खाली है, जिससे गांव में रोष व्याप्त है। पीड़ित परिवार ने जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।

