माता अन्नपूर्णा मंदिर के अन्नक्षेत्र में अब पीएनजी पाइपलाइन से स्थायी समाधान की उम्मीद
वाराणसी (जनवार्ता) : काशी की प्रसिद्ध माता अन्नपूर्णा मंदिर में संचालित अन्नक्षेत्र की एक इकाई में एलपीजी गैस सिलेंडर की भारी कमी के कारण बीते दिनों प्रसाद वितरण पूरी तरह बाधित हो गया। इस घटना से हजारों श्रद्धालु मायूस होकर खाली हाथ लौटने को मजबूर हुए। मंदिर प्रशासन के अनुसार, यह 24-26 वर्षों में पहली बार हुआ जब ‘मां अन्नपूर्णा की रसोई’ बंद हो गई, जबकि कोविड काल में भी यह अनवरत चलती रही थी।


मंदिर के महंत शंकर पुरी ने बांसफाटक स्थित अन्नक्षेत्र की दूसरी शाखा परिसर में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि गैस के अभाव में अन्नक्षेत्र को कई घंटों तक बंद रखना पड़ा। रोजाना 25,000 से अधिक भक्तों, तीर्थयात्रियों, साधु-संतों और जरूरतमंदों को निःशुल्क भोजन (प्रसाद) प्रदान करने वाले इस अन्नक्षेत्र की एक यूनिट पूरी तरह बंद हो गई, जबकि दूसरी भी संकट के कगार पर पहुंच गई थी।
मामला मीडिया में उजागर होने के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया। मंदिर प्रशासन ने समस्या से अवगत कराते ही अगले ही दिन सुबह एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित करा दी गई। महंत शंकर पुरी ने बताया कि आलाधिकारियों के हस्तक्षेप से शाम तक गैस की व्यवस्था हो गई और भविष्य में ऐसी स्थिति न दोहराए जाने का आश्वासन भी मिला है।
स्थायी समाधान के लिए अब पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) पाइपलाइन की दिशा में तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं। रविवार को सर्वे टीम अन्नक्षेत्र पहुंची, जहां दोनों इकाइयों (मंदिर परिसर और बांसफाटक शाखा) का निरीक्षण किया गया। टीम ने महंत से मुलाकात कर आवश्यक जानकारी जुटाई। महंत के अनुसार, जल्द ही पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध होने से गैस आपूर्ति में स्थिरता आएगी और सिलेंडर पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी।

