बीएचयू अस्पताल में जूनियर रेजिडेंटों की हड़ताल, मरीजों की बढ़ी परेशानी
वाराणसी (जनवार्ता) । काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल अस्पताल में जूनियर रेजिडेंट (जेआर-1) डॉक्टरों की हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। अस्पताल के विभिन्न वार्डों में कामकाज ठप होने से मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
डॉक्टरों ने हड़ताल की वजह एक महिला जूनियर रेजिडेंट द्वारा कथित आत्महत्या के प्रयास के मामले में कार्रवाई न होने को बताया है। हड़ताली डॉक्टरों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
धरने पर बैठे जूनियर रेजिडेंट डॉ. अंबुज ने कहा कि जब तक प्रशासन उनकी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं करता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। डॉक्टरों की प्रमुख मांगों में ड्यूटी आवर निर्धारित करना, अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार तथा संबंधित आरोपित चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शामिल है।
हड़ताल के चलते अस्पताल के करीब 28 वार्डों में तैनात लगभग 85 जूनियर रेजिडेंट्स ने काम बंद कर दिया है, जिससे उपचार सेवाएं प्रभावित हुई हैं। मरीजों को जांच, परामर्श और इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
वहीं इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच के लिए गठित समिति जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल परिसर में जूनियर रेजिडेंट्स मुख्य द्वार पर धरना दे रहे हैं और प्रशासन से लिखित आश्वासन की मांग कर रहे हैं। इधर, हड़ताल के कारण उत्पन्न हालात से मरीजों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे अस्पताल प्रशासन पर जल्द समाधान निकालने का दबाव बना हुआ है।


