नट-मुसहर महिलाओं ने समाधान दिवस में लगाया तहसील पर भेदभाव का आरोप
मांगी बुनियादी सुविधाएं
वाराणसी (जनवार्ता) । पिंडरा तहसील में सोमवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में नट व मुसहर समुदाय की बड़ी संख्या में महिलाएं अपनी पुरानी समस्याओं को लेकर पहुंचीं। नट समुदाय संघर्ष समिति के बैनर तले बेलवा हटिया, बेलवा मुसहर बस्ती, जगदीशपुर, औराव, खरकपुर, गोकुलपुर, फत्तूपुर, रमईपट्टी, गजेन्द्र और दल्लीपुर सहित विभिन्न गांवों से 80 से अधिक महिलाएं आईं।

महिलाओं ने तहसील प्रशासन को आवेदन सौंपते हुए मुख्य रूप से घरौनी प्रमाण पत्र जारी करने, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास, शौचालय निर्माण, भूमि आवंटन, सड़कों की मरम्मत और पात्र परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने की मांग की।
समुदाय के सदस्यों ने गंभीर आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया। उनका कहना था कि कुछ आवेदकों को पक्की रसीद दी गई, जबकि अधिकांश को केवल सादे कागज पर कच्ची रसीद देकर वापस भेज दिया गया। आवेदन लेने में अनावश्यक देरी की गई और विरोध करने पर ही जल्दबाजी में कच्ची रसीद जारी की गई।
नट समुदाय संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रेम नट ने कहा, “समुदाय लंबे समय से बुनियादी समस्याओं के लिए आवेदन कर रहा है, लेकिन समाधान के बजाय दुर्व्यवहार और उपेक्षा मिल रही है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा।”
इस दौरान समिति के कार्यकर्ता, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के एमएसडब्ल्यू छात्र और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।

