अयोध्या : भाजपा संगठन में माफिया आरोपों के बीच शिवेंद्र सिंह बने महानगर महामंत्री
अयोध्या (जनवार्ता)। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की नगरी अयोध्या में भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक फैसले पर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में अयोध्या महानगर महामंत्री पद पर नियुक्त किए गए शिवेंद्र सिंह पर गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच काफी चर्चा और असंतोष देखा जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार शिवेंद्र सिंह पर 18 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। इनमें हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट के तहत मामले शामिल हैं। योगी सरकार के पहले कार्यकाल में उनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हुए थे। वे फैजाबाद जेल में निरुद्ध भी रहे थे और बाद में उन्हें बाराबंकी जेल स्थानांतरित किया गया था। वर्ष 2020 में अयोध्या पुलिस की टॉप-10 अपराधियों की सूची में उनका नाम शामिल बताया जाता है।
यह नियुक्ति भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में असंतोष पैदा कर रही है। कई कार्यकर्ता सवाल उठा रहे हैं कि बिना लंबी संगठनात्मक पृष्ठभूमि और आपराधिक छवि वाले व्यक्ति को इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी कैसे सौंपी गई। पार्टी के भीतर ‘माफिया’ शब्द का इस्तेमाल भी हो रहा है।
सितंबर 2024 में पूर्व सांसद लल्लू सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंच पर ‘माफिया’ की मौजूदगी का आरोप लगाते हुए बैठक छोड़ दी थी। उनका इशारा शिवेंद्र सिंह की ओर था। लल्लू सिंह ने कहा था कि मैं माफिया के साथ नहीं बैठ सकता। मैं हमेशा माफिया से लड़ता आया हूं।
शिवेंद्र सिंह ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि उनके ऊपर कोई सक्रिय आपराधिक मुकदमा नहीं है। जो मामले हैं वे छात्र संघ चुनाव के दौरान के पुराने हैं और वे लंबे समय से भाजपा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने लल्लू सिंह पर भी पलटवार किया।
विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी नेता इसे ‘माफिया राज’ का उदाहरण बता रहे हैं। वे सवाल कर रहे हैं कि राम मंदिर की नगरी में अपराधियों को पार्टी में ऊंचे पद कैसे दिए जा रहे हैं।
अभी तक भाजपा की आधिकारिक स्तर पर या शिवेंद्र सिंह की ओर से इस नियुक्ति पर विस्तृत स्पष्टीकरण नहीं आया है। पार्टी के कुछ स्थानीय पदाधिकारियों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा है कि वे संगठन को मजबूत करेंगे।
यह विवाद अयोध्या जैसे संवेदनशील शहर में भाजपा की छवि पर सवाल उठा रहा है जहां राम मंदिर निर्माण के बाद पार्टी सांस्कृतिक और विकास की नगरी का संदेश दे रही है। स्थानीय कार्यकर्ताओं में चर्चा है कि संगठन में ऐसे फैसले भविष्य में पार्टी को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

