ई-रिक्शा चलाने वाली मीरा निकली पाकिस्तानी जासूस!
गाजियाबाद पुलिस का बड़ा खुलासा, 22 गिरफ्तार
गाजियाबाद । पुलिस ने जासूसी के आरोप में मथुरा की 30 वर्षीय मीरा प्रजापति उर्फ मीरा ठाकुर को गिरफ्तार किया है। वह ई-रिक्शा चलाती थी, दो बच्चों की मां है और पति से अलग रह रही थी। पुलिस के मुताबिक, मीरा ई-रिक्शा चलाने के बहाने जासूसी की गतिविधियां करती थी, जिससे किसी को उस पर शक नहीं होता था।

22 मार्च को मीरा के साथ पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को भी पकड़ा। इनमें बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला नौशाद अली (20 वर्ष) और एक नाबालिग शामिल है। पूछताछ में तीनों ने बताया कि वे देश के संवेदनशील स्थानों की फोटो और वीडियो खींचकर पाकिस्तान भेजते थे और इसके बदले उन्हें 4 से 6 हजार रुपये मिलते थे।
इस पूरे जासूसी नेटवर्क में अब तक कुल 22 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच से पता चला है कि आरोपियों ने रेलवे स्टेशनों, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर सोलर ऊर्जा से चलने वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। इन कैमरों की लाइव फीड सीधे पाकिस्तान भेजी जा रही थी।
मीरा ठाकुर मथुरा के औरंगाबाद क्षेत्र के महादेव नगर में रहती है। उसने केवल पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई की है। पड़ोसियों और परिवारवालों ने उसकी गिरफ्तारी पर हैरानी जताई है। पुलिस का कहना है कि मीरा पाकिस्तानी हैंडलर से सीधे संपर्क में थी और जासूसी नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा थी।
यह मामला गाजियाबाद पुलिस की स्पेशल सेल (कौशांबी) द्वारा खुलासा किया गया है। जांच अभी जारी है और आगे भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पूरे नेटवर्क की गहन जांच एनआईए समेत अन्य केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं।
किस पर करें विश्वास, किस पर नहीं?
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि जासूसी के खतरे कितने गहरे और छिपे हो सकते हैं। साधारण दिखने वाले लोग भी देश विरोधी नेटवर्क का हिस्सा बन सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियों को पूरी सतर्कता बरतनी होगी और आम नागरिकों को भी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए। देश की सुरक्षा सबसे ऊपर है।

