चार जघन्य हत्याओं के दोषी को फांसी की सजा
वाराणसी (जनवार्ता)। चोलापुर थाना क्षेत्र के चंदापुर गांव में 29 अक्टूबर 2013 की रात को एक ही परिवार के चार सदस्यों की जघन्य हत्या के दोषी रवींद्र पटेल उर्फ राजू पटेल को वाराणसी की सत्र अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है।

इस घटना में मोहनलाल जायसवाल उनके परिवार के सदस्य झूना देवी उनकी बेटी पूजा और बेटा प्रदीप की निर्मम हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार हमलावर छत से घर में घुसे और लोहे की रॉड से सिर पर वार करके हत्याएं कीं। परिवार का एक अन्य सदस्य संदीप भी गंभीर रूप से घायल हुआ था और बाद में उसकी मौत हो गई जबकि छोटी बेटी आरती बच गई।
पुलिस जांच में रवींद्र पटेल को मुख्य आरोपी बनाया गया। उसकी गिरफ्तारी 6 नवंबर 2013 को चंदापुर नहर के पास से हुई। पुलिस का कहना था कि आरोपी पड़ोसी था और मोहनलाल जायसवाल से छोटी-मोटी बातों जैसे घर के पास नॉनवेज खाना पकाने और शराब पीने पर आपत्ति को लेकर नाराज था। मोहनलाल ने आरोपी के पिता से भी शिकायत की थी जिससे बदला लेने की भावना बन गई। हालांकि गांव वालों ने कई लोगों के शामिल होने का संदेह जताया था लेकिन पुलिस ने दावा किया कि आरोपी अकेला था और मोबाइल फोन ट्रैकिंग से सबूत मिले।
लंबी सुनवाई के बाद सत्र अदालत ने आरोपी को चार हत्याओं का दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई। इससे पहले 2014 में आरोपी की जमानत याचिका खारिज की जा चुकी थी। तत्कालीन एसएसपी राजेश मोदक के नेतृत्व में पुलिस ने मामले की जांच की थी।
यह मामला स्थानीय स्तर पर काफी चर्चित रहा क्योंकि एक ही रात में पूरे परिवार को मार दिया गया था। अब अदालत के फैसले से परिवार को न्याय मिलने की राहत मिली है।

