लोहता : प्रतिबंध के बाद भी दुकानें खुलेआम मीट-मांस की बिक्री
वाराणसी (जनवार्ता): पावन चैत्र नवरात्रि के दौरान धार्मिक भावनाओं और श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए वाराणसी नगर निगम ने सख्त आदेश जारी किया था, लेकिन लोहता नगर निगम क्षेत्र में अष्टमी के दिन भी मीट, मांस, मुर्गा और मछली की दुकानें खुलेआम चल रही हैं। महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में साफ निर्देश दिए गए थे कि नवरात्रि के पूरे नौ दिनों तक नगर निगम सीमा क्षेत्र में सभी मीट-मांस की दुकानें बंद रहेंगी और इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।


नगर निगम की बैठक में महापौर ने कहा था कि काशी की धार्मिक गरिमा और देवी मंदिरों की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए यह फैसला लिया गया है। बैठक में स्वच्छता, मार्ग सुधार और धार्मिक वातावरण बनाए रखने पर भी जोर दिया गया था। इसके बावजूद लोहता क्षेत्र में कई दुकानें खुली हुई हैं और ग्राहकों की आवाजाही सामान्य है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लोहता पुलिस इस उल्लंघन को देखते हुए भी आंखें मूंदे हुए है।
एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “नवरात्रि से पहले मीटिंग में बड़े-बड़े आदेश दिए गए थे, लेकिन यहां तो सब कुछ सामान्य है। मीट की दुकानें खुली हैं और बिक्री हो रही है। प्रशासन कहां है? क्या यह सिर्फ कागजों पर ही कार्रवाई रह जाएगी?”
नगर निगम और पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक कोई सख्त कार्रवाई की खबर नहीं है। श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक अब प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि क्या आदेश केवल दिखावा था या वास्तव में धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाएगा? क्या लोहता पुलिस और नगर निगम की टीमें अब भी आंखों पर पट्टी बांधे बैठी रहेंगी या उल्लंघन करने वालों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा?

