चंदौली : पकड़ा गया गौ-तस्करों का पुलिसिया मददगार
लोकेशन लीक कर अवैध मवेशी पास कराता था निलंबित आरक्षी
चंदौली (जनवार्ता)।पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और तस्करों से सांठगांठ के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत चंदौली पुलिस ने एक बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई की है। कोतवाली चंदौली और थाना इलिया की संयुक्त टीम ने गौ-तस्करों को संरक्षण देने वाले एक निलंबित आरक्षी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अपनी ड्यूटी का दुरुपयोग करते हुए तस्करों को पुलिस की गश्त और लोकेशन की जानकारी देकर अवैध मवेशी तस्करी में मदद कर रहा था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का नाम सत्येंद्र यादव है। वह अंबेडकर नगर जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सुराड़ी गांव का निवासी है। चंदौली जिले में आरक्षी के पद पर तैनात सत्येंद्र यादव थाना चकरघट्टा में नियुक्त था, लेकिन पहले दर्ज भ्रष्टाचार मामले में वह कई महीनों से निलंबित चल रहा था।
एसपी आकाश पटेल ने बताया कि हाल ही में पुलिस ने कुछ गौ-तस्करों को गिरफ्तार किया था। उनसे की गई पूछताछ और उनके मोबाइल फोन में मिले व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के आधार पर सत्येंद्र यादव की संलिप्तता उजागर हुई। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी तस्करों को चंदौली बॉर्डर क्षेत्र में सुरक्षित रास्ता बताता था और पुलिस की मूवमेंट की जानकारी लीक करता था। इसके बदले में वह ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीकों से रिश्वत लेता था।
रविवार को पुलिस की टीम ने आरोपी को उसके घर पलई बाजार, थाना सम्मनपुर, जनपद अंबेडकर नगर से गिरफ्तार किया। इस टीम में उपनिरीक्षक तरुण कुमार कश्यप, हेड कांस्टेबल रविशंकर और कांस्टेबल अरविंद कुमार शामिल रहे।
एसपी ने आगे बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी थाना सैयदराजा में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है। वर्तमान मामले में भी उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर ली गया है और आगे की जांच जारी है।
एसपी आकाश पटेल ने सख्त संदेश देते हुए कहा, “चंदौली पुलिस गौ-तस्करी और अपराध पर लगातार शिकंजा कस रही है। गिरफ्तार आरक्षी के साथ-साथ उसके बाहरी और विभागीय सहयोगियों की भी पूरी भूमिका जांच ली जाएगी। इसमें जो भी संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। कोई भी बच नहीं पाएगा।”

