पत्रकारों के लिए प्रोटेक्शन एक्ट जरूरी: डा॰ संजय निषाद
कार्यक्रम’ में पत्रकारों की समस्या पर चिंता जताई
वाराणसी (जनवार्ता)। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डा॰ संजय निषाद (मत्स्य पालन विभाग) ने कहा है कि काशी पत्रकार संघ का इतिहास केवल एक संस्था का इतिहास नही है बल्कि यह काशी की सामाजिक चेतना, संघर्ष और संच्चाई की आवाज का एक जीवंत दस्तावेज हैं। यह वर्षों से पत्रकारिता की परम्पराओं, मूल्यों और जनहित की भावना को जिस समर्पण के साथ संजोकर रखा है वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने पत्रकारों की समस्याओं पर गंभीर चिंता जताई और उनके लिए एक सशक्त “प्रोटेक्शन एक्ट” लागू करने पर सहमति जताई।
शुक्रवार को काशी पत्रकार संघ की पहल पर आयोजित में ‘संवाद कार्यक्रम’ में पराड़कर स्मृति भवन पहुंचे कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आज़ादी के आंदोलन में काशी की पत्रकारिता ने अपनी लेखनी के माध्यम से जनजागरण और क्रांति की चेतना को जन्म दिया। कहा कि जिस प्रकार डॉक्टर, अधिवक्ता और इंजीनियर जैसे पेशेवर कभी पूरी तरह से रिटायर नहीं होते, उसी प्रकार पत्रकारों का अनुभव भी अमूल्य होता है और उन्हें जीवनभर सम्मान व सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जैसे कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के लिए सुरक्षा प्रावधान मौजूद हैं, वैसे ही पत्रकारों के लिए भी “प्रोटेक्शन एक्ट” जरूरी है।


उन्होंने स्पष्ट किया कि पत्रकार समाज को दिशा देने वाला वर्ग है। यदि वही असुरक्षित रहेगा और समस्याओं से जूझता रहेगा, तो समाज की सुरक्षा और जागरूकता भी प्रभावित होगी। ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पत्रकारों की समस्याओं को विस्तार से सुना। संघ की ओर से उठाए गए आवास, पेंशन और स्वास्थ्य सेवाओं के मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि इन्हें मुख्यमंत्री के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा और समाधान की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
इसके पूर्व काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष अरुण मिश्र ने कैबिनेट मंत्री का स्वागत किया। संचालन महामंत्री जितेंद्र श्रीवास्तव ने किया। इस मौके पर काशी पत्रकार संघ के पूर्व अध्यक्ष योगेश कुमार गुप्त, राजनाथ तिवारी, संघ के उपाध्यक्ष सुनील शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार दीनबंधु राय, कैलाश यादव, कृष्ण बहादुर रावत, प्रेस क्लब के अध्यक्ष चंदन रुपाणी, मंत्री विनय शंकर सिंह, अरुण कुमार सिंह, अश्वनी कुमार श्रीवास्तव, पंकज त्रिपाठी, शिव प्रकाश राय, अमित शर्मा, देवेश सिंह, शंकर चतुर्वेदी, मनोज राय, रोशन जायसवाल, विजय शंकर गुप्ता, संजय प्रसाद सिंह, आशुतोष पांडेय, राजेश सेठ, दिनेश सिंह, मुन्ना लाल साहनी, हरी बाबू श्रीवास्तव, दिलीप कुमार आदि मौजूद थे।

