बाराबंकी–बहराइच हाईवे: एनओसी में अटका निर्माण, अलाइनमेंट बदला तो सैकड़ों मकान पर संकट
लखनऊ (जनवार्ता)।बाराबंकी से बहराइच के बीच प्रस्तावित छह लेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना वन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के अभाव में अटक गई है। केंद्रीय मंजूरी मिलने के बावजूद राज्य स्तर पर फाइल लंबित है, जिससे तय समय पर काम शुरू होने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अक्टूबर 2026 से निर्माण शुरू करने की तैयारी में है, लेकिन जनवरी से अप्रैल 2026 तक लगातार पत्राचार के बावजूद वन विभाग की अनुमति नहीं मिल सकी है। प्रस्तावित हाईवे मुस्तफाबाद से कैसरगंज होते हुए बहराइच तक जाएगा। इसकी लंबाई 101.51 किलोमीटर और अनुमानित लागत 6,969 करोड़ रुपये है।

वन विभाग ने परियोजना पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि प्रस्तावित मार्ग में करीब 70 हेक्टेयर वन भूमि और लगभग 9 हजार पेड़ प्रभावित होंगे। इसी कारण विभाग अलाइनमेंट में बदलाव की मांग कर रहा है और पर्यावरणीय नुकसान को लेकर चिंता जता रहा है।
वहीं एनएचएआई का कहना है कि परियोजना के अलाइनमेंट को पहले ही प्रधानमंत्री कार्यालय और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से मंजूरी मिल चुकी है, इसलिए इसमें बदलाव संभव नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, यदि अलाइनमेंट बदला गया तो हाईवे शहर के भीतर से गुजरेगा, जिससे सैकड़ों मकान प्रभावित होंगे और परियोजना की लागत कई सौ करोड़ रुपये बढ़ जाएगी।
यह परियोजना हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत विकसित की जानी है। निर्माण पर लगभग 3,485 करोड़ रुपये और भूमि अधिग्रहण पर करीब 1,574 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने अक्टूबर 2027 तक परियोजना पूर्ण करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन एनओसी और भूमि अधिग्रहण में देरी से यह समयसीमा प्रभावित हो सकती है।
प्रस्तावित राजमार्ग से उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और भारत-नेपाल व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। रूपईडीहा सीमा के जरिए व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी। साथ ही कतरनियाघाट वन्यजीव अभयारण्य, दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, सोहेलवा वन क्षेत्र, अयोध्या धाम राम मंदिर, देवीपाटन और श्रावस्ती जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच सुगम होगी।
एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल ने बताया कि वन विभाग की 70 हेक्टेयर भूमि के कारण बाधा बनी हुई है और एनओसी मिलते ही निर्माण कार्य तेज कर दिया जाएगा। वहीं बहराइच के डीएफओ सुंदर सेन के अनुसार, मामले से केंद्र सरकार को अवगत करा दिया गया है और समाधान के प्रयास जारी हैं।

