धोनी के बाद तमिलनाडु में सबसे चर्चित बिहारी बने पीके? विजय पर भविष्यवाणी होती दिखी सच
चेन्नई (जनवार्ता)। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के रुझानों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सियासी समीकरण बदल दिए हैं। शुरुआती रुझानों में पार्टी 100 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जिससे राज्य की पारंपरिक द्रविड़ राजनीति को बड़ा झटका लगा है।

टीवीके की इस अप्रत्याशित सफलता के बीच चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर का पुराना बयान भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने कुछ महीने पहले कहा था कि विजय तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा असर डालेंगे और राज्य में नई राजनीतिक धारा तैयार करेंगे। अब चुनावी रुझानों के बाद उनकी यह बात काफी हद तक सही साबित होती नजर आ रही है।
प्रशांत किशोर ने हल्के-फुल्के अंदाज में खुद को “तमिलनाडु का सबसे लोकप्रिय बिहारी” बनाने की बात भी कही थी। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा था कि इसके लिए उन्हें महेंद्र सिंह धोनी से मुकाबला करना होगा, क्योंकि चेन्नई में धोनी की लोकप्रियता किसी सुपरस्टार से कम नहीं है।
दरअसल, टीवीके के स्थापना दिवस कार्यक्रम से पहले ही प्रशांत किशोर ने दावा किया था कि विजय की पार्टी 15 से 20 प्रतिशत वोट शेयर हासिल कर सकती है। उनका मानना था कि तमिलनाडु की जनता लंबे समय से चले आ रहे दो-दलीय राजनीतिक ढांचे से बाहर निकलकर नए विकल्प की तलाश कर रही है। इसी सोच के आधार पर उन्होंने पार्टी के लिए चुनावी रणनीति तैयार की थी।
प्रशांत किशोर का टीवीके से जुड़ाव फरवरी 2025 में विजय से मुलाकात के बाद शुरू हुआ था। इसके बाद उन्होंने पार्टी को राजनीतिक दिशा देने, संगठन मजबूत करने और जनता के बीच विश्वसनीयता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
इधर, चुनावी रुझानों के साथ विजय समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। चेन्नई स्थित उनके आवास के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जमा है। ढोल-नगाड़ों, नाच-गाने और सीटियों के बीच जश्न का माहौल बना हुआ है। यह माहौल चेन्नई सुपर किंग्स के लोकप्रिय “व्हिसल पोडू” अंदाज की याद भी दिला रहा है।
विजय खुद पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीटों से बढ़त बनाए हुए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि अंतिम नतीजे भी इसी दिशा में रहे तो तमिलनाडु की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत हो सकती है, जहां फिल्मी लोकप्रियता और पेशेवर चुनावी रणनीति मिलकर पारंपरिक दलों को चुनौती देती नजर आएगी।

