लोहता थाना : समाधान दिवस पर राजस्व कर्मियों की गैरहाजिरी से फरियादी परेशान
लेखपाल और कानूनगो के न पहुंचने से नहीं हो सका सीमांकन विवाद का निस्तारण
वाराणसी (जनवार्ता)। लोहता थाना में आयोजित समाधान दिवस में शनिवार को राजस्व विभाग के कर्मचारियों की गैरहाजिरी के कारण फरियादियों को निराश होकर लौटना पड़ा। पुलिस और राजस्व विभाग के संयुक्त निस्तारण के लिए आयोजित समाधान दिवस में लेखपाल एवं कानूनगो के उपस्थित न रहने से कई मामलों का समाधान नहीं हो सका।

लखमीपुर गांव निवासी सुक्खू अपनी भूमि के सीमांकन की पुष्टि कराने के लिए समाधान दिवस पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में उनकी आराजी संख्या 290 की धारा-24 के अंतर्गत राजस्व विभाग द्वारा पैमाइश कर मेडबंदी कराई गई थी। इसके बावजूद अब तक सीमांकन की पुष्टि नहीं हो सकी है।
पीड़ित के अनुसार, वह शनिवार को सीमांकन पुष्टि संबंधी प्रार्थना पत्र देने थाना पहुंचे थे, जहां समाधान अधिकारी उपनिरीक्षक विजेता ने उन्हें बताया कि संबंधित कानूनगो और लेखपाल मौके पर मौजूद नहीं हैं, इसलिए मामले का निस्तारण संभव नहीं हो पाएगा। यह सुनकर वह मायूस होकर वापस लौट गए।
सुक्खू ने बताया कि परिवार में पत्नी एवं तीन वयस्क पुत्रियां हैं तथा घर में पानी की व्यवस्था बाहर होने के कारण महिलाओं को खुले में स्नान करना पड़ता है। वह अपनी भूमि पर बाउंड्री वॉल बनवाना चाहते हैं, लेकिन पड़ोसी विरोध कर रहे हैं। सीमांकन की पुष्टि न होने से वह वर्षों से परेशानी झेल रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि समाधान दिवस का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करना है, लेकिन संबंधित राजस्व कर्मियों की अनुपस्थिति से यह व्यवस्था प्रभावित हो रही है। लोगों ने प्रशासन से समाधान दिवस में संबंधित अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि फरियादियों को बार-बार चक्कर न लगाना पड़े।

