वाराणसी नगर निगम ने मुक्त कराई 30 करोड़ की सरकारी संपत्ति
वाराणसी (जनवार्ता)। सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जों के खिलाफ वाराणसी नगर निगम का सख्त अभियान लगातार जारी है। कंदवा मामले के बाद अब निगम की टीम ने चौकाघाट स्थित राजकीय आयुर्वेद कॉलेज के निकट मुख्य मार्ग पर बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 12 बिस्वा सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा लिया है। बाजार दर के अनुसार इस जमीन की अनुमानित कीमत 30 करोड़ रुपये है।

चौकाघाट मार्ग पर कुछ दबंग तत्वों ने बंजर सरकारी भूमि पर टीन शेड और दीवारें खड़ी कर अवैध कब्जा कर रखा था। यहां न सिर्फ वाहन खड़े किए जा रहे थे, बल्कि अवैध व्यापारिक गतिविधियां भी चल रही थीं। स्थानीय लोगों की शिकायत पर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने तत्काल जांच कराई, जिसमें भूमि के बंजर सरकारी स्वामित्व की पुष्टि हुई।
नगर आयुक्त के निर्देश पर सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव को कार्रवाई का जिम्मा सौंपा गया। शुक्रवार को सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव और नायब तहसीलदार शेष नाथ के नेतृत्व में प्रवर्तन दल, अतिक्रमण दस्ते और भारी पुलिस बल के साथ दो जेसीबी मशीनें मौके पर पहुंचीं।
कार्रवाई शुरू होते ही अतिक्रमणकारियों ने विरोध प्रदर्शन की कोशिश की, लेकिन पुलिस और निगम अधिकारियों की मुस्तैदी के आगे उनका कोई असर नहीं हुआ। लगभग छह घंटे चली इस अभियान में सभी टीन शेड, दीवारें और अस्थायी निर्माण पूरी तरह ध्वस्त कर दिए गए। इसके बाद पूरी जमीन को नगर निगम के कब्जे में ले लिया गया और घेराबंदी कर दी गई।
राजस्व विभाग के अनुसार चौकाघाट के इस प्राइम लोकेशन पर जमीन की बाजार दर डेढ़ से दो करोड़ रुपये प्रति बिस्वा है। राजकीय आयुर्वेद कॉलेज के पास मुख्य मार्ग पर स्थित होने के कारण इस संपत्ति का मूल्य विशेष रूप से अधिक है।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भू-माफियाओं के मंसूबों को नाकाम करने की दिशा में निगम का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

