अवैध पशु मंडियों पर पुलिस-नगर निगम की छापेमारी, मचा हड़कंप
वाराणसी (जनवार्ता)। बेनियाबाग की बकरा मंडी बंद होने के बाद शहर के विभिन्न इलाकों में अस्थायी रूप से संचालित हो रही अवैध पशु मंडियों पर सोमवार को पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान बिना अनुमति भैंस, पड़वा और बकरों की खरीद-बिक्री किए जाने का मामला सामने आया। अधिकारियों के पहुंचते ही कई स्थानों पर अफरातफरी का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार एसीपी चेतगंज, जैतपुरा थाना प्रभारी एवं नगर निगम की टीम सुबह से ही विभिन्न क्षेत्रों में जांच अभियान चलाती रही। सबसे पहले टीम जैतपुरा थाना क्षेत्र स्थित मनहर के बंद पड़े स्लॉटर हाउस परिसर और आसपास के इलाके में पहुंची, जहां बड़ी संख्या में भैंस और पड़वा रखे जाने की सूचना मिली थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक बीते कुछ दिनों से यहां अस्थायी पशु मंडी लगाई जा रही थी, जहां दूर-दराज से पशु लाकर बेचे जा रहे थे।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने मंडी संचालकों और पशु व्यापारियों से प्रशासन अथवा नगर निगम की अनुमति संबंधी दस्तावेज मांगे, लेकिन मौके पर कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किया जा सका। अधिकारियों ने पशुओं के स्रोत और मंडी संचालन की अनुमति के संबंध में भी जानकारी जुटाई, मगर स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
इसी क्रम में पुलिस और नगर निगम की टीम लाट सरैया इलाके में भी पहुंची, जहां सड़क किनारे पशुओं की खरीद-बिक्री होती मिली। यहां भी मंडी संचालकों से लाइसेंस और अनुमति पत्र मांगे गए, लेकिन कोई दस्तावेज नहीं दिखाया जा सका।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि बिना अनुमति पशु मंडी संचालित करना नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि पशु मंडियों में स्वास्थ्य परीक्षण, सफाई व्यवस्था और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होता है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और अवैध रूप से मंडी संचालित पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

