मीट दुकानों को शहर से बाहर करने पर आपत्ति
वाराणसी (जनवार्ता)। नगर निगम द्वारा मीट-मांस और मछली की दुकानों को शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित करने के प्रस्ताव पर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने इस फैसले को अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि इससे कारोबारियों और उपभोक्ताओं दोनों को परेशानी होगी। उन्होंने आशंका जताई कि दुकानों के शहर से बाहर जाने पर परिवहन लागत बढ़ेगी, जिससे मांस और मछली के दाम भी बढ़ सकते हैं।

वहीं, शिया धर्मगुरु सैयद सैफ अब्बास नकवी ने कहा कि यदि धार्मिक स्थलों के आसपास से मीट की दुकानें हटाई जा रही हैं तो शराब की दुकानों को भी ऐसे क्षेत्रों से दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी धर्मस्थलों के समान सम्मान की बात कही।
गौरतलब है कि नगर निगम ने काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखते हुए अगले छह माह में शहर के भीतर संचालित मीट-मांस और मछली की दुकानों को बाहरी क्षेत्रों में स्थानांतरित करने की योजना बनाई है। निगम इसे स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और पर्यटन प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहा है।

