नगर निगम और रक्षा-रेलवे विभाग के बीच होगा 227.5 बीघा भूमि का आदान-प्रदान
पार्किंग, ट्रैफिक प्रबंधन और जनसुविधाओं के विकास को मिलेगी गति
वाराणसी (जनवार्ता) । शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जनसुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में नगर निगम ने रक्षा संपदा एवं रेलवे विभाग के साथ 227.5 बीघा (57.6 हेक्टेयर) से अधिक भूमि के आदान-प्रदान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस प्रस्ताव को नगर निगम की कार्यकारिणी और सदन से मंजूरी मिल चुकी है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने इस संबंध में रक्षा संपदा अधिकारी, प्रयागराज को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है।

नगर निगम के अनुसार भूमि विनिमय के बाद प्राप्त होने वाली जमीनों का उपयोग पार्किंग, ट्रैफिक मैनेजमेंट, जनसुविधाओं के विकास और अन्य आधारभूत परियोजनाओं के लिए किया जाएगा। इससे शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने तथा नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
प्रस्ताव के तहत नगर निगम को कैंटोनमेंट स्थित गुडशेड बाजार, फुलवरिया फ्लाईओवर के नीचे की भूमि, डोमरी एवं सूजाबाद क्षेत्र की भूमि के साथ कैंटोनमेंट स्थित 160 एकड़ भूमि में से रेलवे के कब्जे को छोड़कर शेष भूभाग की आवश्यकता है। इसके बदले में निगम अपनी कुछ भूमि रेलवे विभाग को हस्तांतरित करेगा।
नगर निगम का कहना है कि भूमि स्वामित्व को लेकर वर्षों से चली आ रही प्रशासनिक अस्पष्टताओं को दूर कर एकीकृत शहरी विकास की राह आसान की जाएगी। इससे विभिन्न विकास परियोजनाओं में आने वाली बाधाएं समाप्त होंगी और योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से हो सकेगा।
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि शहर के चहुंमुखी विकास और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए भूमि विनिमय की यह प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से ट्रैफिक और जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने में मदद मिलेगी तथा वाराणसी के सुनियोजित विकास को नई गति मिलेगी।

